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अख‍िलेश यादव ने मुफ्त राशन की रिकवरी की मुनादी पर यूपी की योगी सरकार को घेरा, मारा तंज- मतलब निकल गया

देश में कोरोना वायरस की महामारी आने के बाद आमजन को भूखे पेट न रहना पड़े इसके लिए प्रदेश सरकार की ओर से मुफ्त में राशन की सुविधा प्रदान की जा रही थी. समय-समय पर इस योजना को विस्‍तार भी दिया गया.

By Prabhat Khabar Digital Desk, Lucknow
Updated Date
अखिलेश यादव
अखिलेश यादव
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Lucknow News: अपने तंज भरे ट्वीट से उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार को हमेशा ही सवालों के घेरे में लेकर के आने वाले सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने बुधवार को एक और ट्वीट किया. इसमें उन्होंने प्रदेश सरकार की ओर से दी जा रही मुफ्त राशन की रिकवरी को लेकर के योगी सरकार पर कटाक्ष किया है.

सुविधा का लाभ संपन्न लोगों ने भी उठाया

दरअसल, देश में कोरोना वायरस की महामारी आने के बाद आमजन को भूखे पेट न रहना पड़े इसके लिए प्रदेश सरकार की ओर से मुफ्त में राशन की सुविधा प्रदान की जा रही थी. समय-समय पर इस योजना को विस्‍तार भी दिया गया. वर्तमान में भी यह सुविधा आमजन को दी जा रही है. मगर इस सुविधा का लाभ संपन्न लोगों ने भी उठाया है. अब ऐसे ही लोगों पर सरकार की ओर से राशन कार्ड को निरस्त करने के लिए आगे आने को कहा गया है. इसी संबंध में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक ट्वीट किया है.

जांच में पाया गया तो...

ट्वीट में उन्‍होंने एक वीडियो को शेयर क‍िया है. उसमें देखा जा रहा है कि मुनादी करने वाला कह रहा है क‍ि जिस राशनकार्ड धारक के पास ट्रैक्टर, एसी, 5 एकड़ जमीन, सरकारी नौकरी एवं कार आद‍ि हो तो वह अपने राशनकार्ड को कार्यालय में जाकर स्‍वत: ही जमा कर दे. यदि जांच के दौरान यह पाया गया कि उसने कार्ड का दुरुपयोग करते हुए गरीबों के राशन का अनुचित लाभ उठाया है तो उससे गेहूं 24 रुपए प्रति किलोग्राम, चावल 32 रुपए प्रति किलोग्राम एवं चना आदि की बाजार भाव में वसूली की जाएगी. इस मुद्दे के साथ ही सपा सुप्रीमो ने ट्वीट में लिखा है, 'मुफ़्त राशन देते समय तो कोई घोषणा न हुई पर अब कुछ परिस्थितियों की शर्त रखकर राशनकार्ड को वापस कार्यालय में सरेंडर करने की मुनादी की जा रही है. अन्यथा इन राशनकार्ड से लिये गए गेहूं, चावल, चना, तेल व नमक तक को बाजार भाव से वसूलने की धमकी दी जा रही है. चुनाव निकल गया पहचानते नहीं.'

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