बदायूं बलात्कार-हत्याकांड: अगली सुनवाई 11 जून को

Updated at : 10 Jun 2014 9:20 AM (IST)
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बदायूं बलात्कार-हत्याकांड: अगली सुनवाई 11 जून को

लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार ने बदायूं जिले में हाल ही में दो किशोरियों की सामूहिक बलात्कार के बाद हत्या के मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंपे जाने की सिफारिश संबंधी अधिसूचना की प्रति इलाहाबाद उच्च न्यायालय कीलखनऊपीठ में पेश की. इस बीच, याचिकाकर्ता ने भी मृत लड़कियों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत मामले […]

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लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार ने बदायूं जिले में हाल ही में दो किशोरियों की सामूहिक बलात्कार के बाद हत्या के मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंपे जाने की सिफारिश संबंधी अधिसूचना की प्रति इलाहाबाद उच्च न्यायालय कीलखनऊपीठ में पेश की. इस बीच, याचिकाकर्ता ने भी मृत लड़कियों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत मामले की प्राथमिकी की प्रतियां न्यायालय में पेश कीं. अदालत ने मामले की अगली सुनवाई की तिथि 11 जून नियत की है.

न्यायमूर्ति इम्तियाज मुर्तजा और न्यायमूर्ति राजन रॉय की अवकाशकालीन खण्डपीठ के समक्ष इस मामले की सुनवाई के दौरान अपर महाधिवक्ता बुलबुल गोदियाल ने उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से तीन जून को इस प्रकरण की जांच सीबीआइ से कराने सम्बन्धी अधिसूचना की प्रति पेश की.

इस बीच, याचिकाकर्ता वकील प्रिंस लेनिन ने इस मामले में दर्ज करायी गयी रिपोर्ट समेत मृत किशोरियों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रतियां भी पेश कीं. अदालत ने गत तीन जून को राज्य सरकार की अपर महाधिवक्ता और याचिकाकर्ता को ये दस्तावेज पेश करने के निर्देश दिये थे.

अदालत ने यह निर्देश वी द पीपुल नामक संस्था के महासचिव प्रिंस लेनिन की लंबित जनहित याचिका पर दिये हैं. इसमें मामले की सीबीआई से निष्पक्ष जांच कराने, दोषी पाये जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश देने समेत मृत लड़कियों के परिजन को समुचित सुरक्षा मुहैया कराये जाने के निर्देश देने का आग्रह किया गया है.

गौरतलब है कि उसहैत थाना क्षेत्र के कटरा सादतगंज क्षेत्र में गत 27 मई की रात शौच के लिए गयी 14 तथा 15 साल की चचेरी बहनों के शव अगले दिन सुबह एक बाग में पेड पर फांसी से लटकते पाये गये थे. इस मामले में दो पुलिसकर्मियों समेत सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था. उनमें से पांच को गिरफ्तार किया जा चुका है. दोनों आरोपी पुलिसकर्मियों को बर्खास्त कर दिया गया है.

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पीड़ित परिजन को पूरी सुरक्षा तथा पांच-पांच लाख रुपये मुआवजे का एलान किया था, जिसे परिजन ने ठुकरा दिया था. मुख्यमंत्री ने मामले की जांच सीबीआइ को सौंप दी है.

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