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राजस्थान विधानसभा का वह सीन, जब स्पीकर ने कहा, '...मैं कुर्सी छोड़कर चले जाना बेहतर समझूंगा'

Updated at : 14 Aug 2020 9:04 PM (IST)
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राजस्थान विधानसभा का वह सीन, जब स्पीकर ने कहा, '...मैं कुर्सी छोड़कर चले जाना बेहतर समझूंगा'

जयपुर : राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष सीपी जोशी शुक्रवार को सदन की कार्यवाही के दौरान कई बार सदस्यों के बीच में और सीट पर बैठे-बैठे बोलने से नाराज हो गये. उन्होंने संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल को नसीहत भी दी कि सदन की गरिमा बनाये रखने की जिम्मेदारी सबकी है. दरअसल, सरकार द्वारा लाये गये विश्वास मत प्रस्ताव पर नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया बोल रहे थे.

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जयपुर : राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष सीपी जोशी शुक्रवार को सदन की कार्यवाही के दौरान कई बार सदस्यों के बीच में और सीट पर बैठे-बैठे बोलने से नाराज हो गये. उन्होंने संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल को नसीहत भी दी कि सदन की गरिमा बनाये रखने की जिम्मेदारी सबकी है. दरअसल, सरकार द्वारा लाये गये विश्वास मत प्रस्ताव पर नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया बोल रहे थे.

कांग्रेस विधायकों की ‘बाड़ेबंदी’ को लेकर उनकी एक बात पर एतराज जताते हुए संसदीय मंत्री धारीवाल ने कुछ बोलना चाहा तो जोशी ने उन्हें बैठने को कहा. धारीवाल ने बोलना जारी रखा तो जोशी नाराज हो गये और उन्होंने कहा कि वह उनको बोलने की अनुमति देने के बजाय कुर्सी छोड़कर चले जाना मुनासिब समझेंगे.

स्पीकर जोशी ने सदन में बैठे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को संबोधित करते हुए कहा, ‘माननीय मुख्यमंत्री जी मैं इसकी अनुमति नहीं दूंगा. मैं इसकी अनुमति देने के बजाय कुर्सी छोड़कर जाना बेहतर समझूंगा.’ जोशी ने धारीवाल से कहा कि वह सत्ता व विपक्ष दोनों को कह रहे हैं. जोशी ने कहा, ‘सदन की गरिमा बनाने की जिम्मेदारी मेरी नहीं है, आपकी भी है.’

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उन्होंने कहा, ‘सदन के अध्यक्ष के रूप में इस कुर्सी की गरिमा बनाये रखने की जितनी जिम्मेदारी मेरी है, उतनी ही जिम्मेदारी सब सदस्यों की है. संसदीय कार्य मंत्री से भी अपेक्षा है कि सदन की गरिमा बनाने में साथ दें.’ सदन की कार्यवाही के दौरान इस बात को लेकर जोशी ने मदन दिलावर व राजेंद्र राठौड़ को भी टोका.

कांग्रेस की नीतियों और कार्यक्रमों की जीत हुई : गहलोत

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि उनकी सरकार का विधानसभा में विश्वास मत जीतना कांग्रेस की नीतियों, सिद्धांतों व कार्यक्रमों की जीत है. उन्होंने कहा कि यह जीत उन ताकतों के लिए एक संदेश हैं जो देश में निर्वाचित सरकारों को अस्थिर करने का प्रयास कर रही हैं. राज्य विधानसभा ने शुक्रवार को गहलोत सरकार द्वारा लाये गये विश्वास मत प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित कर दिया.

विधानसभा परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘मैं इसे प्रदेश वासियों की विजय मानता हूं. यह कांग्रेस की नीतियों, कार्यक्रमों, सिद्धांतों की विजय है. यह जीत उन विधायकों की है जो एक महीने से भी अधिक समय से एकजुट रहे हैं.’ गहलोत ने कहा, ‘सदन में आज जिस तरह बहस हुई है उससे आपको मालूम पड़ गया है कि विपक्ष के पास कहने को कुछ था ही नहीं. कोई तर्क नहीं थे. विपक्षी भाजपा जिस तरह उजागर हुई, वह सबके सामने है. भाजपा वाले समझ गये कि उनका जो ‘प्लान’ था वो ‘फेल’ हो गया.’

Posted By: Amlesh Nandan Sinha

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