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Rajasthan कांग्रेस में भूचाल, दलित छात्र की मौत पर खुद के विधायक ने गहलोत सरकार को घेरा, इस्तीफा

Updated at : 15 Aug 2022 7:36 PM (IST)
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Rajasthan कांग्रेस में भूचाल, दलित छात्र की मौत पर खुद के विधायक ने गहलोत सरकार को घेरा, इस्तीफा

Chandigarh: Students form a human chain to resemble a hoisted Indian national flag as they celebrate 'Azadi Ka Amrit Mahotsav' celebrations to commemorate 75 years of Indian independence, in Chandigarh, Saturday, Aug. 13, 2022. The students created a Guinness World Record for their formation of ‘World's Largest Human Image of a Waving National Flag’. (PTI Photo)(PTI08_13_2022_000236B)

मेघवाल ने अपने त्यागपत्र में उल्लेख किया कि देश की आजादी को 75 साल हो गए हैं, लेकिन दलित और वंचित वर्गो पर अत्याचार जारी है. कांग्रेस विधायक ने कहा, मैं अत्याचारों को देखकर आहत हूं. जिस तरह से मेरे समुदाय पर अत्याचार हो रहा है, मैं अपने दर्द को शब्दों में बयां नहीं कर सकता.

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राजस्थान कांग्रेस के अंदर इस समय भूचाल की स्थिति बन गयी है. दरअसल राज्य के जालोर जिले में एक निजी स्कूल शिक्षक की 9 साल के दलित छात्र की पिटाई से हुई मौत के बाद कांग्रेस के एक विधायक ने ही सरकार पर सवाल खड़ा कर दिया और अपना इस्तीफा दे दिया.

दलित छात्र की मौत पर कांग्रेस विधायक ने दिया इस्तीफा

राजस्थान के बारां जिले के अटरू विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के विधायक पानाचंद मेघवाल ने सोमवार को राज्य में दलितों पर कथित अत्याचार के मामलो से नाराज होकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को त्यागपत्र भेज दिया है. जालोर के एक निजी स्कूल के शिक्षक द्वारा एक दलित छात्र की पिटाई से हुयी उसकी मौत के के दो दिन बाद सत्तारूढ़ दल के विधायक ने मुख्यमंत्री को यह त्यागपत्र दिया है.

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कांग्रेस विधायक ने अपने त्यागपत्र में राज्य की स्थिति पर बयां किया दर्द

मेघवाल ने अपने त्यागपत्र में उल्लेख किया कि देश की आजादी को 75 साल हो गए हैं, लेकिन दलित और वंचित वर्गो पर अत्याचार जारी है. कांग्रेस विधायक ने कहा, मैं अत्याचारों को देखकर आहत हूं. जिस तरह से मेरे समुदाय पर अत्याचार हो रहा है, मैं अपने दर्द को शब्दों में बयां नहीं कर सकता. उन्होंने कहा कि दलित और वंचितो को घडे से पानी पीने, मूंछ रखने, बारात में घोड़ी पर सवार होने के नाम पर मारा जा रहा है. उन्होंने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया ठप्प है और जांच की फाइलें एक टेबल से दूसरी टेबल पर भेजी जाती है. उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षो में दलितों के खिलाफ अत्याचार के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. ऐसा लगता है कि भीमराव अंबेडकर द्वारा लिखित संविधान में दिये गए दलितों के अधिकारों की रक्षा करने वाला कोई नहीं है.

कांग्रेस विधायक ने लॉ एंड ऑर्डर की खोल दी पोल

मेघवाल ने कहा कि दलितों द्वारा दर्ज किए गए अधिकतम मामलों में पुलिस अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करती है और मैंने कई बार राज्य विधानसभा में ऐसे मामले उठाए है लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की. कांग्रेस विधायक ने अपने पत्र में कहा, जब हम अपने समुदाय के अधिकारों की रक्षा करने और उन्हें न्याय दिलाने में विफल रहते हैं तो हमें पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है. अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनकर मैं विधायक पद से इस्तीफा देता हूं ताकि बिना किसी पद के समाज की सेवा कर सकूं.

क्या है पूरा मामला

जालोर के सायला थाना क्षेत्र के एक निजी स्कूल के छात्र की शिक्षक द्वारा पिटाई के बाद हुयी मौत के मामले की जांच के लिये राज्य एससी/एसटी आयोग के अध्यक्ष खिलाड़ी लाल बैरवा मामले की जांच के लिये सोमवार को जालोर पहुंचे है. नौ वर्षीय दलित छात्र इंद्र कुमार को 20 जुलाई को स्कूल में पीने के पानी के बर्तन को छूने के आरोप में एक शिक्षक ने पीटा था. शनिवार को अहमदाबाद के एक अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी. आरोपी शिक्षक छैल सिंह (40) को गिरफ्तार कर लिया गया है और राज्य सरकार ने पीड़ित परिवार के सदस्यों के लिये पांच लाख रुपये की राहत की घोषणा की है.

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