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Rourkela News: ट्रेन दुर्घटना में घायल हाथी के बच्चे का नंदनकानन में किया जायेगा इलाज

Updated at : 16 Oct 2024 11:53 PM (IST)
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Rourkela News: ट्रेन दुर्घटना में घायल हाथी के बच्चे का नंदनकानन में किया जायेगा इलाज

Rourkela News: बंडामुंडा में ट्रेक के धक्के से घायल हाथी के बच्चे को बुधवार को रेस्क्यू कर भुवनेश्वर भेजा गया. वहां नंदनकानन में इसका इलाज किया जायेगा.

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Rourkela News: ट्रेन दुर्घटना में घायल हाथी के बच्चे को वन विभाग की टीम ने लगातार मशक्कत के बाद बुधवार सुबह करीब 9:30 बजे सुरक्षित बचा लिया गया. उसे बेहतर इलाज के लिए नंदनकानन भुवनेश्वर ले जाया गया है. वहीं उसके साथ मौजूद हथिनी वापस अपने झुंड में चली गयी है. वन विभाग की टीम को बुधवार को हाथी के बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता मिली. जिसके बाद विशेषज्ञों की टीम ने उसे वाहन पर लादा. इससे पहले विशेष वाहन की व्यवस्था कर ली गयी थी. हाथी के बच्चे को वाहन में डालने के बाद वन विभाग की एक विशेष टीम पूरे काफिले के साथ उसे लेकर भुवनेश्वर के नंदनकानन के लिए रवाना हो गयी. इस दौरान हाथी के बच्चे को देखने के लिए काफी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गयी थी. जिसे विभागीय अधिकारियों ने किसी तरह से नियंत्रित किया.

बंडामुंडा ए केबिन के पास मंगलवार रात हुई थी दुर्घटना

चक्रधरपुर रेल मंडल के एलीफेंट जोन बंडामुंडा ए केबिन के पास मंगलवार रात करीब 10 बजे 23 हाथियों का झुंड रेलवे ट्रैक पार कर रहा था, तभी मालगाड़ी आ गयी. जिसकी चपेट में आकर हाथी के बच्चे की मौत हो गयी. इसके बाद ट्रैक पर हाथी जोर-जोर से चिंघाड़ने लगे. हाथी के बच्चे की मौत के बाद 22 हाथियों का झुंड ऊपरबहाल गांव के पास पहुंच गया था. जिसे वन विभाग की टीम ने सूझबूझ से वापस नॉर्थ चिरुबेड़ा जंगल की ओर खदेड़ दिया.

मानव-हाथी संघर्ष रोकने में वन विभाग विफल

सुंदरगढ़ जिले में वन विभाग हाथियों की सुरक्षा में नाकाम नजर आ रहा है. जिले के वनों के सिकुड़ने से भोजन के स्रोत की तलाश में हाथी मानव बस्तियों का रुख कर रहे हैं. जिस कारण अकसर मानव और हाथी के बीच संघर्ष की स्थिति पैदा हो रही है. पिछले एक साल में जिले के सभी इलाकों में हाथियों के ग्रामीण इलाकों में प्रवेश करने की खबरें सामने आयीं. खनन कार्य के कारण भी हाथी वनों से बाहर निकल रहे हैं. पिछले पांच महीने के अंदर दो हाथियों की मौत हो गयी है. वन विभाग के प्रति ग्रामीण इलाकों में काफी नाराजगी भी देखी जा रही है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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