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Bhubaneswar News: पद्म पुरस्कार से सम्मानित ओडिशा के लोगों को 30,000 रुपये का मासिक मानदेय मिलेगा

Updated at : 16 Jan 2025 11:55 PM (IST)
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Bhubaneswar News: पद्म पुरस्कार से सम्मानित ओडिशा के लोगों को 30,000 रुपये का मासिक मानदेय मिलेगा

Bhubaneswar News: ओडिशा सरकार पद्य पुरस्कार से सम्मानित राज्य के प्रत्येक व्यक्ति को इस महीने से 30,000 रुपये का मासिक मानदेय प्रदान करेगी.

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Bhubaneswar News: ओडिशा सरकार पद्य पुरस्कार से सम्मानित राज्य के प्रत्येक व्यक्ति को इस महीने से 30,000 रुपये का मासिक मानदेय प्रदान करेगी. ओडिया भाषा साहित्य एवं संस्कृति विभाग ने गुरुवार को इस संबंध में एक अधिसूचना जारी की. इसमें कहा गया है कि विभिन्न क्षेत्रों में समाज के प्रति उनके उत्कृष्ट योगदान को देखते हुए राज्य सरकार ने पद्म पुरस्कार से सम्मानित व्यक्तियों को 30,000 रुपये का मानदेय प्रदान करने का निर्णय लिया है. विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि मार्च 2024 में पूर्ववर्ती बीजद सरकार ने 25,000 रुपये मासिक मानदेय की घोषणा की थी. हालांकि, इसे अब तक लागू नहीं किया गया है.

जनवरी 2025 से मिलेगी मानदेय राशि

विभाग ने कहा कि 1954 में शुरू किया गया पद्म पुरस्कार भारत रत्न के बाद देश का दूसरा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार है और यह कला, शिक्षा, विज्ञान, खेल, सामाजिक कार्य, लोक सेवा, चिकित्सा, साहित्य आदि के क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए दिया जाता है. अधिसूचना में कहा गया है कि उन्हें जनवरी 2025 से प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से सहायता मिलेगी. सभी जिला कलेक्टरों और जिला सांस्कृतिक अधिकारियों को संबंधित जिलों में जीवित पद्म पुरस्कार विजेताओं का विवरण (जिला कलेक्टर का प्रमाण पत्र, बैंक खाता विवरण, आइएफएससी कोड) जल्द से जल्द ओड़िया, भाषा, साहित्य और संस्कृति विभाग के निदेशालय को भेजने का निर्देश दिया गया है, ताकि सभी जीवित पद्म पुरस्कार विजेताओं को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के माध्यम से सहायता राशि मिल सके.

प्रतिष्ठित व्यक्तियों के योगदान को मान्यता देना है उद्देश्य

हाल ही में जारी अधिसूचना से सरकार ने घोषणा की है कि राज्य के लगभग 55 जीवित पद्म पुरस्कार विजेताओं को अब 30,000 रुपये का मासिक मानदेय मिलेगा. इस निर्णय का उद्देश्य समाज में इन प्रतिष्ठित व्यक्तियों के योगदान को मान्यता देना और उनका समर्थन करना है. बढ़े हुए मानदेय से राज्य के खजाने पर सालाना करीब दो करोड़ रुपये का बोझ पड़ने की उम्मीद है. उल्लेखनीय है कि यह कदम 75 वर्षीय आदिवासी किसान और पद्म श्री पुरस्कार विजेता दैतारी नाइक के उदाहरण के बाद उठाया गया है, जिन्हें पुरस्कार मिलने के बाद काम मिलने में कठिनाई हुई, जिससे इस तरह की वित्तीय सहायता की आवश्यकता उजागर हुई. इससे पहले जून 2019 में, ओडिशा सरकार ने पद्म पुरस्कार विजेताओं को मासिक मानदेय देना शुरू किया था. इस पहल को और मजबूत किया गया, क्योंकि लगातार सरकारों ने इन राष्ट्रीय पुरस्कार विजेताओं को समर्थन देना जारी रखा.

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