Rourkela News : देव नदी पर मिटकुंदरी-लहंडा ब्रिज बन कर तैयार, उद्घाटन का इंतजार
Updated at : 08 Apr 2025 11:39 PM (IST)
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कुआरमुंडा ब्लाॅक के दस गांवों के लोगों का विगत चार दशकों का इंतजार खत्म होने वाला है. बहुप्रतीक्षित मिटकुंदुरी-लहुंडा को जोड़ने वाला देव ब्रिज बन कर तैयार हो गया है.
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Rourkela News : कुआरमुंडा ब्लाॅक के दस गांवों के लोगों का विगत चार दशकों का इंतजार खत्म होने वाला है. अब तक इस क्षेत्र के लोग जान जोखिम में डाल कर देव नदी पार कर सफर कर रहे थे. इन्हें इंतजार था मिटकुंदरी-लहंडा पुल का काम पूरा होने का. लेकिन अब उनका सपना सच होने वाला है. बहुप्रतीक्षित मिटकुंदुरी-लहुंडा को जोड़ने वाला देव ब्रिज बन कर तैयार हो गया है. अब सिर्फ उद्घाटन का इंतजार है.
विदित हो कि कुआरमुंडा ब्लॉक की झारबेड़ा पंचायत के पांच गांव झारबेड़ा, रिउं, कारिछापल, टांगराइन और करमाबहाल और कचारू पंचायत के 5 गांव पसरा, कचारु, सान दलकी, सियालजोर और रामपुर के निवासी राउरकेला जाने के लिए देव नदी पार करते थे. बरसात के दिनों में जब नदी में पानी बढ़ जाता था, तो लोग राउरकेला पहुंचने के लिए लगभग 10 किमी पैदल चलते थे. विशेषकर दिहाड़ी मजदूरों, छात्रों, किसानों को बराबर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था. जिससे यहां के लोगों ने देव नदी पर पुल बनाने की मांग की. नतीजा यह हुआ कि तत्कालीन सरकार ने पुल बनाने का निर्णय लिया. ग्रामीण विकास विभाग की ओर से टेंडर निकाला गया था.वर्ष 2019 में शुरू हुआ था काम
2018 में संबलपुर की एक कंस्ट्रक्शन कंपनी ने टेंडर मिलने के बाद 2019 में काम शुरू किया. तब मकान मालिक ने काम बंद करा दिया. इसके अलावा मांगु भूमिज की 28 डिसमिल और दुर्गा ओराम की 52 डिसमिल पट्टा की जमीन का उन्होंने विरोध किया कि उन्हें मुआवजा दिये बिना नहीं छोड़ा जायेगा. प्रशासन की ओर से जमीन मालिक को मुआवजा देने में देरी के कारण असंतोष बढ़ा. आधे बने पुल पर बांस की सीढ़ी लगायी गयी थी. लोगों के खतरनाक हालात में चलने की खबरें सामने आने के बाद प्रशासन ने सीढ़ी हटा दी. कार्यकर्ताओं ने पुल का काम पूरा करने की मांग की. इसके बाद सामाजिक कार्यकर्ता मुक्तिकांत बिस्वाल ने ग्रामीणों के साथ मिलकर 2 से 31 अक्तूबर 2023 तक अधूरे पुल को लेकर आंदोलन किया. इस आंदोलन के बाद ग्रामीण विकास विभाग ने तत्परता दिखाई. पिछले साल छह सितंबर को पानपोष उपजिलापाल विजय कुमार नायक की मौजूदगी में जमीन मालिक को मुआवजा दिया गया. इसके बाद पुल का काम शुरू हुआ. जो गत मार्च-2025 में ख़त्म हो गया है. पुल के दोनों तरफ सड़क का काम भी पूरा हो चुका है. डामरीकरण का काम बाकी है. पुल के उद्घाटन के बाद लोग यातायात कर सकेंगे. राउरकेला से उपरोक्त गांवों के लिए बस सेवा शुरू की जायेगी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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