Jagannath Temple : खुला पुरी जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार का ताला, भक्तों के प्रवेश पर लगा प्रतिबंध

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 18 Jul 2024 10:35 AM

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Jagannath Temple : ओडिशा के पुरी में स्थित जगन्नाथ मंदिर का रत्न भंडार खुल गया है. सुबह आठ बजे से भक्तों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है.

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Jagannath Temple : ओडिशा के पुरी में स्थित जगन्नाथ मंदिर का रत्न भंडार (तहखाना) गुरुवार को खोला गया है. पूरी प्रक्रिया से पहले सुबह 8 बजे ही भक्तों के दर्शन करने पर रोक लगाई गई. कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट सिद्धार्थ शंकर स्वैन ने कहा कि आज ‘भीतर रत्न भंडार’ से सभी कीमती सामान और आभूषणों को सरकार द्वारा निर्धारित एसओपी के अनुसार अस्थायी रत्न भंडार में ट्रांसफर कर दिया जाएगा. यही वजह है कि भक्तों की इंट्री पर रोक लगाई गई है.

Puri: a worker carries an ornament for the ‘golden attire’ ritual of lords jagannath, balabhadra and devi subhadra, in puri

सुबह आठ बजे के बाद से लगाया गया प्रतिबंध

मंदिर के तहखाने में मौजूद रत्न भंडार में एक बाहरी और एक आंतरिक कमरा है. श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) के प्रमुख अरबिंद पाधी ने बताया कि रत्न भंडार के आंतरिक कक्ष को फिर से खोलने की व्यवस्था की गई है. यही वजह है कि मंदिर में भक्तों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है. सुबह आठ बजे के बाद किसी को भी प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई है. केवल अधिकृत लोगों और सेवकों को ही सुबह आठ बजे के बाद मंदिर में प्रवेश की अनुमति दी गई है. मंदिर का केवल सिंह द्वार खोला गया है.

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संग्रहण की क्या है प्रक्रिया जानें

पुरी जगन्नाथ मंदिर का प्रशासन ओडिशा सरकार के विधि विभाग के अधीन आता है. मंदिर प्रशासन के अनुसार, भगवान को भक्त कीमती वस्तु दान करते हैं जिन्हें रत्न भंडार के आंतरिक कक्ष में रखा जाता है. इसके बाद इनको मंदिर परिसर के अंदर अस्थायी स्ट्रांग रूम में ट्रांसफर करने का काम किया जाता है. तहखाने का ताला खोलने की पूरी प्रक्रिया राज्य सरकार द्वारा तय एसओपी के तहत की गई.

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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