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Rourkela News: बहुमंजिला आवास परियोजना और फ्री होल्ड प्रक्रिया को लेकर हाउसिंग बोर्ड की कवायद शुरू

Updated at : 13 Dec 2025 11:32 PM (IST)
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Rourkela News: बहुमंजिला आवास परियोजना और फ्री होल्ड प्रक्रिया को लेकर हाउसिंग बोर्ड की कवायद शुरू

Rourkela News: बसंती व छेंड कॉलोनी में जमीन की कीस्म बदलने के बाद मकानों का पट्टा मिलने की प्रक्रिया शुरू होने की आस जगी है.

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Rourkela News: स्मार्ट सिटी समेत आसपास के अंचलों में जमीन की कीमतें जहां आसमान छू रही हैं, वहीं वाजिब कीमत पर अपना आशियाना बनाने का ख्वाब देखनेवाले लोगों को जल्द ही ओडिशा स्टेट हाउसिंग बोर्ड की ओर से बहुमंजिला अपार्टमेंट की सौगात देने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. इसके साथ ही छेंड कॉलोनी व बसंती कॉलोनी में जमीन की किस्म साबिक से बदलकर हाल हो जाने से इन मकानों का पट्टा मिलने की प्रक्रिया को भी हाउसिंग बोर्ड की ओर से तेज कर दिये जाने की सूचना है.

बसंती कॉलोनी में आवास परियोजना के लिए मिली थी 150 एकड़ जमीन

ओडिशा स्टेट हाउसिंग बोर्ड को बसंती कॉलोनी में आवास परियोजना के लिए 1975 में मंजूरी मिली थी. इसके लिए सरकार की ओर से कुल 150 एकड़ जमीन मुहैया करायी गयी थी. इस परियोजना का काम वर्ष 1977 से शुरू हुआ तथा 1979 से यहां पर लोग रहने लगे थे. शुरुआत में यहां पर कुल 180 मकान बनाये गये थे. बाद में यहां पर और भी मकान बनाये गये थे. वर्तमान यहां पर कुल 2376 मकान हैं, जो कि 135 एकड़ जमीन पर बने हैं, बाकी की 15 एकड़ जमीन वन भूमि होने से उस पर कोई निर्माण नहीं हुआ है.

1988 में शुरू की गयी थी छेंड कॉलोनी आवास परियोजना

छेंड कॉलोनी में 91 एकड़ जमीन पर वर्ष 1988 में हाउसिंग बोर्ड ने अपनी आवास परियोजना शुरू की थी. इसमें छेंड फेज वन में 1035, छेंड फेज टू में 822, फेज थ्री में 810 मकान का निर्माण कर आवंटित किया गया था. वहीं छेंड बिरसा मुंडा हाउसिंग प्रोजेक्ट में 72 मकान बने हैं. बीएसएनएल चौक के पास 79 प्लाट का भी आवंटन किया गया था. इसमें से फेज टू, फेज थ्री, बिरसा मुंडा हाउसिंग प्रोजेक्ट व बीएसएनएल चौक के पास स्थित प्लाट में जमीन हाल किस्म की है. बसंती कॉलोनी व छेंड फेज-1 में करीब तीन-चार दशक पूर्व जमीन की किस्म साबिक थी. अब इसे बदलकर हाल किस्म कर दिया गया है.

जिलापाल के पास मिस केस करने के बाद शुरू होगी प्रक्रिया

हाउसिंग बोर्ड की जमीन साबिक से हाल किस्म में आने के बाद इसे पट्टा में तब्दील करने के लिए जिलापाल के यहां मिस केस करना पड़ता है. भुवनेश्वर स्थित बोर्ड मुख्यालय की ओर से जिलापाल के यहां मिस केस आगामी तीन से चार दिनों में किये जाने की विश्वस्त सूचना है. इसके बाद इस जमीन का पट्टा हाउसिंग बोर्ड के नाम करने की अनुमति मिलने के बाद इसकी प्रक्रिया शुरू होगी. जिससे वर्तमान इस मामले को लेकर गेंद जिलापाल व बोर्ड के पाले में है.

बसंती कॉलोनी में दो बहुमंजिला आवासीय परियोजना का होगा निर्माण

ओडिशा हाउसिंग बोर्ड की ओर से बसंती कॉलोनी में दो बहुमंजिला आवासीय परियोजना निर्माण का निर्णय लिया गया है. बसंती कॉलोनी स्थित बोर्ड कार्यालय के पास जी प्लस 14 मंजिला अपार्टमेंट समेत पास ही स्थित अन्य एक स्थान पर अन्य एक बहुमंजिला आवासीय परियोजना का निर्माण होगा. इसके लिए इस स्थान को अतिक्रमण मुक्त भी करा लिया गया है.

बोर्ड के नाम पट्टा होने के बाद मकान मालिकों को करना होगा आवेदन

हाउसिंग बोर्ड के नाम जमीन का पट्टा होने के बाद मकान व जमीन मालिकों को पट्टा लेने के लिए आवेदन करना होगा. बोर्ड की ओर से भुवनेश्वर में कुल 20 हजार मकानों में से आठ हजार मकान मालिकों को पट्टा देने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. इसके लिए कुल जमीन अथवा मकान की वर्तमान कीमत का तीन फीसदी जमा करना होगा. इसमें भुवनेश्वर के लिए इडब्ल्यूएस श्रेणी में 25,000, एलआइजी में 30,000, एमआइजी में 50,000 तथा एचआइजी में एक लाख रुपये की राशि तय की गयी है. राउरकेला के मामले में यह राशि कम भी हो सकती है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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BIPIN KUMAR YADAV

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By BIPIN KUMAR YADAV

BIPIN KUMAR YADAV is a contributor at Prabhat Khabar.

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