Rourkela News: युवा संगम से देश की विविधता को समझ सकेंगे छात्र-छात्राएं : प्रो राव

Published by : BIPIN KUMAR YADAV Updated At : 25 May 2026 11:45 PM

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Rourkela News: एनआइटी राउरकेला में युवा संगम के लिए पहुंचे गुजरात के प्रतिनिधि मंडल का भव्य स्वागत किया गया.

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Rourkela News: नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआइटी) राउरकेला ने ””युवा संगम चरण-6”” के तहत गुजरात से आये 39 युवा प्रतिभागियों के प्रतिनिधिमंडल और इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आइआइएम) अहमदाबाद के पांच समन्वय अधिकारियों का स्वागत किया. यह यात्रा छह दिवसीय (25 मई-30 मई) एक्सपोजर यात्रा के रूप में ओडिशा में आयोजित की जा रही है और भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की ””एक भारत श्रेष्ठ भारत”” पहल के अंतर्गत हो रही है. एनआइटी राउरकेला को ओडिशा की ओर से युवा संगम का नोडल संस्थान नियुक्त किया गया है और आइआइएम अहमदाबाद इस कार्यक्रम के नोडल संस्थान के रूप में गुजरात का प्रतिनिधित्व कर रहा है. कार्यक्रम का समन्वय प्रो विनी राउतराय (नोडल अधिकारी, युवा संगम ओडिशा) के मार्गदर्शन में किया जा रहा है.

एनआइटी राउरकेला के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र का अवलोकन किया

आइआइएम अहमदाबाद से आये प्रतिनिधिमंडल में समन्वयक रवींद्र वाघेला, सुमंत मिश्रा, दिव्या बीजू, गोमती मुदलियार और सुनीलकुमार मनुभाई पटेल शामिल हैं. आगंतुक दल भुवनेश्वर-तेजस राजधानी एक्सप्रेस से राउरकेला पहुंचा, जहां संस्थान के परिसर में एनआइटी राउरकेला के संकाय समन्वयकों, छात्र स्वयंसेवकों और स्थानीय कलाकारों द्वारा लोक ढोल वादन और सांस्कृतिक अभिवादन के साथ पारंपरिक स्वागत किया गया. कार्यक्रम के पहले दिन छात्रों ने एनआइटी राउरकेला के परिसर की प्रमुख सुविधाओं और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र का अवलोकन किया, जिसमें फाउंडेशन फॉर टेक्नोलॉजी एंड बिजनेस इनक्यूबेशन (एफटीबीआइ) और छात्रों के लिए निर्धारित गतिविधि स्थल शामिल थे. संस्थान ने प्रतिभागियों का औपचारिक स्वागत करने के साथ एक सांस्कृतिक संध्या भी आयोजित की, जिसमें संगीत और नृत्य प्रदर्शनों के माध्यम से उन्हें ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराया गया. एनआइटी राउरकेला के निदेशक प्रो के उमामहेश्वर राव ने कार्यक्रम का स्वागत करते हुए कहा कि ‘युवा संगम’ कक्षाओं से परे सार्थक संवाद स्थापित करता है और छात्रों को देश की विविधता समझने में मदद देता है. उन्होंने ओडिशा की विरासत, आदिवासी परंपराएं, आध्यात्मिकता, औद्योगिक विकास और प्राकृतिक सौंदर्य के अनूठे संगम का उल्लेख करते हुए गुजरात के प्रतिभागियों का स्वागत किया.

ओडिशा के महत्वपूर्ण औद्योगिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और ग्रामीण स्थलों का करेंगे दौरा

छह-दिवसीय कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागी राज्य भर के महत्वपूर्ण औद्योगिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और ग्रामीण विकास स्थलों का दौरा करेंगे. दूसरे दिन वे राउरकेला के स्टील प्लांट, बिरसा मुंडा हॉकी स्टेडियम और आदिवासी संग्रहालय की यात्रा कर क्षेत्र के औद्योगिक विकास और आदिवासी विरासत को समझेंगे. तीसरे दिन भुवनेश्वर-कोणार्क की विरासत यात्रा के तहत यूनेस्को विश्व धरोहर कोणार्क सूर्य मंदिर, एकाम्र कानन और राजभवन का दौरा शामिल है, जहां उनकी ओडिशा के राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति से बातचीत निर्धारित है. चौथे दिन प्रतिभागी सुंदरगढ़ जिले में प्राकृतिक खेती और ग्रामीण आजीविका पहलों पर किसान साथी फाउंडेशन से बातचीत करेंगे और एक पेड़ मां के नाम अभियान में भाग लेंगे. पांचवें दिन वे संबलपुर में समलेश्वरी मंदिर और हीराकुद बांध का दौरा करेंगे एवं बैजामुंडा गांव के कारीगरों व बुनाई समुदायों से संवाद करेंगे. कार्यक्रम का समापन छठे दिन विदाई समारोह और केंद्रीय भारतीय भाषा संस्थान (सीआइआइ्एल) के प्रतिनिधियों के साथ संवाद सत्र के साथ होगा, जहां प्रतिभागी अपने अनुभव साझा करेंगे. ओडिशा चरण पूरा होने के बाद गुजरात के छात्र 30 मई, 2026 से गुजरात में ओडिशा के छात्रों के लिए एक्सपोजर यात्रा शुरू करेंगे.

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