Sambalpur News: अनुगूल में हाथी ने महिला को कुचलकर मार डाला, ग्रामीणों में आक्रोश

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<P>Sambalpur News: अनुगूल जिले में अनुगूल वन खंड के सरधापुर गांव में बुधवार की सुबह एक महिला को हाथी ने कुचलकर मार डाला. मृतका की पहचान गौरांग साहू की बेटी

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Sambalpur News: अनुगूल जिले में अनुगूल वन खंड के सरधापुर गांव में बुधवार की सुबह एक महिला को हाथी ने कुचलकर मार डाला. मृतका की पहचान गौरांग साहू की बेटी गुल साहू के रूप में हुई है. वह घर के पास जंगल में किसी काम से गयी थी, तभी हाथी ने उस पर हमला किया. जिले में पिछले तीन दिन में हाथी के हमले में यह लगातार तीसरी मौत की घटना है.

सोमवार को एक वनरक्षक, मंगलवार को एक अन्य व्यक्ति की गयी थी जान

हाथी के हमले में महिला की मौत की खबर फैलते ही गांव में तनाव फैल गया. लोगों ने इस घटना के प्रति आक्रोश व्यक्त किया. वन कर्मचारियों और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया. इससे पूर्व सोमवार-मंगलवार रात हाथी के हमले में एक वनरक्षक की मौत हो गयी थी. जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया था. इसके अलावा मंगलवार को आठमल्लिक वन खंड में भी हाथी के हमले में एक व्यक्ति की जान गयी थी. अनुगूल जिले में हाथी के हमले की घटनाएं बढ़ रही हैं. जिससे स्थानीय ग्रामीणों में भय देखा जा रहा है.

कोठभुइयां इलाके में 55 हाथियों का झुंड मचा रहा उत्पात, किसानों की रोजी-रोटी खतरे में

सातकोशिया अभ्यारण्य के बफर एरिया कोठभुइयां इलाके में हाथियों के झुंड ने बड़े पैमाने पर संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है. पता चला है कि इस झुंड में 55 से ज्यादा हाथी हैं. यह झुंड कोठभुइयां के आस-पास के गांवों टेंटुलीपाथर, लाइमुंडा, ओलाबेरी, संकरीडा, कामुरी, लोकसिंहा गांवों के आस-पास के जंगलों में रहकर कटहल, आम, केला और सब्जी की फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है. हाथियों के झुंड को देखकर लोगों में दहशत है. हाथियों के भय से बच्चे स्कूल जाने से कतरा रहे हैं. वन विभाग और स्क्वॉड की टीमें चार-पहिया वाहनों से इलाकों में गश्त कर रही हैं, पर जंगल में हाथियों को रोकने में असफल साबित हुई हैं. अधिकारियों का कहना है कि अभ्यारण्य में बांस और अन्य खाने योग्य पत्तियों की कमी के कारण हाथी गांवों के पास आ रहे हैं. किसानों का कहना है कि उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिला, जबकि कई बार ऑनलाइन आवेदन किए जा चुके हैं. गांव वालों का आरोप है कि प्राकृतिक जंगलों के कटाव, चरागाहों की कमी, सोलर फेंस और बड़ी खाइयों ने हाथियों को अभ्यारण्य में नहीं रहने दिया है. हाल ही में वन विभाग के आदेश पर रात में बिजली कटौती ने भी ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी. इससे खेती और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई है. कोठभुइयां, तैंसी और अंतुलिया पंचायतों में किसान विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं और उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर समस्या का ठोस समाधान न आया तो बड़े आंदोलन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.

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BIPIN KUMAR YADAV

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