Sambalpur News: मास्को में तीन से सात सितंबर तक हुए 38वें अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेला व संगोष्ठी में भारत को सम्मानित अतिथि का दर्जा दिया गया था. नेशनल बुक ट्रस्ट के बेहद आकर्षक प्रदर्शनी मंच में साहित्य अकादमी व अन्य कई भारतीय संस्थाओं की पुस्तकें प्रदर्शित हुईं. संगोष्ठी में भाग लेने के लिए भारत से 12 लेखकों के एक दल को भेजा गया था.
वीर सुरेंद्र साय और संबलपुर के सशस्त्र संग्राम के वारे में जानकारी दी
संबलपुर के विशिष्ट लेखक एवं शोधकर्ता दीपक कुमार पंडा ने भी इसमें हिस्सा लिया. उन्होंने चार संगोष्ठी में भाग लिया. मेला के पहले दिन उनके द्वारा हिंदी में लिखी पुस्तक वीर सुरेंद्र साय का विमोचन किया गया. वीर सुरेंद्र साय और संबलपुर के सशस्त्र संग्राम के वारे में श्री पंडा ने जानकारी दी. इस किताब के साथ उनके द्वारा संबलपुरी भाषा, संस्कृति और परंपरा पर अंग्रेजी में लिखी गयी किताब प्रदर्शित हुई. रूस के लोगों ने इसके प्रति रुचि दिखायी. रूस के अनेक लेखकों व पाठकों ने हिंदी भाषा व भारत की संस्कृति के प्रति गहरी रुचि दिखाते हुए अनेकों विषय पर श्री पंडा से चर्चा की.
दीपक की संबलपुरी लैंगेवेज, कल्चर एंड ट्रेडिशन पुस्तक भी प्रदर्शित हुई
दीपक पंडा द्वारा अंग्रेजी में लिखी पुस्तक संबलपुरी लैंगेवेज, कल्चर एंड ट्रेडिशन पुस्तक भी प्रदर्शित हुई. मॉस्को अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेला में पतंजलि आयुर्वेद के मैनेजिंग डायरेक्टर तथा आयुर्वेद के अग्रणी ज्ञाता आचार्य बालकृष्ण, वैज्ञानिक पद्मश्री अजय कुमार सोनकर, प्रसिद्ध लेखक अक्षत गुप्ता, कश्मीरी विद्वान डॉक्टर एसएन पंडित, विशिष्ट फिल्म समीक्षक, समालोचक, फिल्म निर्माता अनिल झंकार, विशिष्ट ग्राफिक डिजाइनर तथा चित्रकार मोहित सुनेजा, साहित्य अकादमी के उपाध्यक्ष तथा महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर कुमुद शर्मा, कवि, लेखिका तथा सुप्रसिद्ध ओड़िशी नृत्यांगना जया मेहता भी शामिल हुईं. दीपक पंडा का संबलपुर लौटने पर भव्य स्वागत और अभिनंदन किया गया.
—————–नेपाल में हालात को देखते हुए काठमांडू कलिंग साहित्य महोत्सव स्थगितभुवनेश्वर. नेपाल की राजधानी काठमांडू में मौजूदा हालात को देखते हुए चौथा काठमांडू कलिंग साहित्य महोत्सव स्थगित कर दिया गया है. आयोजकों ने मंगलवार को यह जानकारी दी. पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, महोत्सव का आयोजन 13 और 14 सितंबर को काठमांडू में होना था. नेपाल सरकार द्वारा सोशल मीडिया साइट पर लगाये गये प्रतिबंध के विरोध में सोमवार को काठमांडू और कुछ अन्य इलाकों में हुए हिंसक प्रदर्शनों में कम से कम 19 लोगों की मौत हो गयी थी और 300 से अधिक घायल हो गये थे. आयोजकों के अनुसार, इस साहित्यिक आयोजन में 60 से अधिक भारतीय और 200 से ज्यादा नेपाली साहित्यकारों के शामिल होने की संभावना थी. प्रमुख प्रतिभागियों में बानू मुश्ताक, दीपा भास्ती और वासुदेव त्रिपाठी शामिल थे. कलिंग साहित्य महोत्सव के निदेशक रश्मि रंजन परिडा ने बताया कि यह आयोजन अब 14 और 15 फरवरी, 2026 को होगा. भुवनेश्वर में आयोजकों की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए महोत्सव का आयोजन इस समय करना न तो उपयुक्त होगा और न ही सम्मानजनक.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

