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Rourkela News: इस्पात जनरल अस्पताल में ब्रेनस्टेम ट्यूमर की सफल सर्जरी हुई

Updated at : 11 Jul 2025 11:57 PM (IST)
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Rourkela News: इस्पात जनरल अस्पताल में ब्रेनस्टेम ट्यूमर की सफल सर्जरी हुई

Rourkela News: आरएसपी के आइजीएच में 1991-92 के बाद अब ब्रेनस्टेम ट्यूमर की सफल सर्जरी की गयी है.

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Rourkela News: राउरकेला इस्पात संयंत्र (आरएसपी) के इस्पात जनरल अस्पताल (आइजीएच) में कई दशकों के बाद आत्मा घर कहे जाने वाले ब्रेनस्टेम के ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकालकर एक बड़ी न्यूरोसर्जिकल उपलब्धि हासिल की गयी. इस तरह की सर्जरी आखिरी बार 1991-92 में आइजीएच में की गयी थी.

30 जून को अस्पताल में भर्ती हुई थी राजगांगपुर की मरीज

सुंदरगढ़ जिले के राजगांगपुर ब्लॉक के दुदुकाबहाल गांव की रहनेवाली 50 वर्षीय जसमनी बाड़ा 30 जून, 2025 को स्थानीय सीटी स्कैन रिपोर्ट के साथ आइजीएच पहुंचीं. उन्हें नियमित रूप से तेज सिरदर्द की शिकायत थी, जिसके दौरान उन्हें उल्टी, दृष्टि का धुंधलापन या बिगड़ना, भूख न लगना और चलते समय अस्थिरता का अनुभव होता था. नैदानिक जांच और डॉक्टर की सलाह के आधार पर उन्हें तीन जुलाई को आइजीएच में भर्ती कराया गया. इसके तुरंत बाद चार जुलाई को एक एमआरआइ किया गया, जिससे ब्रेनस्टेम में ट्यूमर की पुष्टि हुई.

सात घंटे लंबी शल्य चिकित्सा सफलतापूर्वक की गयी

सभी आवश्यक सावधानियों और संतोषजनक पूर्व-शल्य चिकित्सा जांच के बाद आठ जुलाई को रोगी की शल्य चिकित्सा की गयी. सात घंटे लंबी जटिल शल्य चिकित्सा प्रक्रिया वरिष्ठ परामर्शदाता (स्वश्टी एवं चिकित्सा सेवा) डॉ मनोज कुमार देव द्वारा सफलतापूर्वक की गयी. इसके परिणामस्वरूप ट्यूमर को पूरी तरह से हटा दिया गया. अतिरिक्त सीएमओ डॉ संजुक्ता पाणिग्रही और वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ स्मिता कुजूर ने एनेस्थीसिया दिया. शल्य चिकित्सा दल को ऑपरेशन थियेटर में नर्सिंग स्टाफ ब्रदर कमलाकर और सिस्टर गोधुली का समर्पित सहयोग मिला. उल्लेखनीय रूप से, रोगी ने शल्य चिकित्सा प्रक्रिया के प्रति अच्छी प्रतिक्रिया दी. उसे उसी दिन वेंटिलेटर से निकाला गया. वार्ड में शल्य चिकित्सा के बाद की देखभाल सिस्टर गौरी, सिस्टर सस्मिता, सिस्टर रिंकी, सिस्टर प्रियंका और अन्य द्वारा प्रदान की जा रही है.

रोगी में दिख रहे महत्वपूर्ण लक्षणात्मक सुधार, जल्द मिलेगी छुट्टी

रोगी द्वारा की जाने वाली शिकायतों में कमी आयी और रोगी में महत्वपूर्ण लक्षणात्मक सुधार दिखने लगा. वह अब पर्याप्त रूप से खाना खा रही है और बिना किसी सहायता के अपने आप चलने लगी है. उसकी वर्तमान स्थिति को देखते हुए अगले 3-4 दिनों में उसे छुट्टी मिलने की उम्मीद है. यह अत्यंत गंभीर और जटिल चिकित्सा मामलों के उपचार में आइजीएच की दक्षता को दर्शाता है. वर्षों से आइजीएच न केवल कर्मचारियों, बल्कि क्षेत्र के लोगों को भी विविध क्षेत्रों में उन्नत चिकित्सा सेवा प्रदान कर रहा है, जैसे कि गंभीर अस्थि शल्यचिकित्सा, सर्प दंश प्रबंधन, इएनटी प्रक्रियाएं (बच्चों के नाक या मुंह से बाहरी वस्तुओं को निकालना) आदि.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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BIPIN KUMAR YADAV

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By BIPIN KUMAR YADAV

BIPIN KUMAR YADAV is a contributor at Prabhat Khabar.

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