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CM बनने की नहीं थी कोई इच्छा, पिता के कारण राजनीति में आया, उद्धव ने भाजपा-शिवसेना के बीच दरार पर भी रखी बात

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे.
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे.
फाइल फोटो.

मुंबई : महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने कहा कि मैं कभी भी मुख्यमंत्री नहीं बनना चाहता था. अपने पिता (Bal Thackeray) की मदद के लिए मैं राजनीति में आया. मेरा राजनीति की ओर कभी भी झुकाव नहीं रहा. उद्धव ठाकरे ने मराठी दैनिक लोकसत्ता के साथ एक ऑनलाइन सत्र में अपने राजनीतिक करियर, महाराष्ट्र में कोविड-19 (Maharashtra Corona Update) महामारी से निपटने के कई मुद्दों पर खुल कर बात की.

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में मेरे कार्यकाल के दौरान 100 साल बाद एक महामारी आती है. मैं जिम्मेदारी से कभी नहीं चूका. मैं अपनी क्षमता के अनुसार जो कर सकता हूं वह कर रहा हूं. उन्होंने कहा कि अगर मुझे वोट देने वाले लोग कोविड-19 महामारी से नहीं बचे तो सत्ता का क्या फायदा. ठाकरे ने कहा कि कोविड-19 के बीच सत्ता की लालसा के साथ काम करने से अराजकता पैदा होगी.

भाजपा के साथ शिवसेना के पिछले गठबंधन पर, उद्धव ने कहा कि भाजपा नेताओं प्रमोद महाजन और गोपीनाथ मुंडे के निधन के बाद संबंधों में विश्वास की कमी आ गयी. भाजपा अब दिल्ली केंद्रित है. गठबंधन में मतभेदों को हवा देने और उन्हें हल करने के लिए खुलापन होना चाहिए. उन्होंने कहा कि मेरे नये सहयोगी राकांपा और कांग्रेस मेरे साथ सम्मान से पेश आते हैं. महाविकास अघाड़ी एक ऐसा गठबंधन है जहां हमारे बीच मतभेद थे, इसलिए अब हम अधिक खुले हैं.

पिता के कारण राजनीति में आया, कुर्सी की कोई लालसा नहीं

मुख्यमंत्री ठाकरे ने यह भी कहा कि राजनीति में उनका प्रवेश उनके पिता के कारण हुआ और उनका कभी भी राजनीतिक झुकाव नहीं था. उन्होंने यह भी कहा कि शिवसेना के संस्थापक दिवंगत बालासाहेब ठाकरे का सपना, जो एक 'शिवसेना कार्यकर्ता' को राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में निर्वाचित देखना था अभी तक पूरा नहीं हुआ है.

क्या कहा सहयोगी पार्टी के नेता ने

बता दें कि एक लंबे लॉकडाउन के बाद अब महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण के मामलों में कुछ कमी आयी है. ऐसे में राज्य सरकार अनलॉक की ओर आगे बढ़ना चाहती है. ऐसी खबरें आ रही थीं कि राज्य में कोविड-19 प्रतिबंधों में ढील को लेकर महाविकास अघाड़ी के दलों में असहमति थीं. लेकिन उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने शनिवार को कहा कि भले ही सरकार कई दलों द्वारा बनाई गई हो, लेकिन मुख्यमंत्री के शब्द ही अंतिम हैं.

वहीं, राकांपा के नेता और उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा कि महाविकास अघाड़ी सरकार में कोई असहमति नहीं है. हम अनलॉक को लेकर लगातार चर्चा कर रहे हैं और कोई कंफ्यूजन नहीं है. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे लगातार सोशल मीडिया पर लोगों से बातचीत भी कर रहे हैं. हम एक बहुदलीय सरकार हो सकते हैं लेकिन राज्य के प्रमुख के रूप में ठाकरे का शब्द ही अंतिम है.

Posted By: Amlesh Nandan.

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