Pune Airport Name Change: शिंदे सरकार ने पुणे एयरपोर्ट का बदला नाम, ब्राह्मण और राजपूतों के लिए निगम का गठन

Pune Airport Name Change
Pune Airport Name Change: महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे सरकार ने पुणे एयरपोर्ट का नाम बदलने का फैसला किया है. कैबिनेट ने नाम बदलने को अपनी मंजूरी भी दे दी है.
Pune Airport Name Change: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बताया, कैबिनेट ने लोहेगांव हवाई अड्डे के नाम परिवर्तन को मंजूरी दी, अब उसका नाम जगद्गुरु संत तुकाराम अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा पुणे होगा.
मंत्रिमंडल के प्रस्ताव को केंद्र के पास भेजा जाएगा
राज्य सरकार के मंत्रिमंडल की बैठक नाम बदलने को लेकर जो निर्णय लिया गया, उसका प्रस्ताव केंद्र को भेजा जाएगा. राज्य मंत्रिमंडल ने हवाई अड्डे का नाम बदलने के केंद्रीय नागर विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी. मोहोल पुणे से ही हैं. मोहोल ने भाजपा, शिवसेना और राकांपा की महायुति सरकार को इस निर्णय के लिए धन्यवाद दिया. उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, धन्यवाद महायुति सरकार. धन्यवाद देवेंद्र (फडणवीस) जी. पुणे में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम जगद्गुरु संत तुकाराम महाराज विमानपत्तन करने के लिए आज पहला कदम उठाया गया है और मेरे प्रस्ताव को कैबिनेट की बैठक में स्वीकृति मिल गई. इसे अब आगे की प्रक्रिया के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाएगा. संत तुकाराम भक्ति आंदोलन के प्रसिद्ध संत और आध्यात्मिक कवि थे. उनका जन्म पुणे जिले में हुआ था.
महाराष्ट्र में ब्राह्मण और राजपूतों के आर्थिक विकास के लिए निगम का गठन
महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने ब्राह्मण और राजपूत जातियों के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए दो अलग-अलग निगमों के गठन का फ़ैसला किया है. ब्राह्मण जातियों के लिए ‘परशुराम आर्थिक विकास निगम’ और राजपूत समुदाय के लिए ‘वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप आर्थिक विकास निगम’ का गठन किया जाना है. दोनों निगमों को मंत्रिमंडल द्वारा 50-50 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं.
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By अरबिंद कुमार मिश्रा
अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.
झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.
करियर का सफरनामा
अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग
खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:
34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.
पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.
पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.
शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)
UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.
बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.
एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.
लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.
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