क्या बैंक खातों में आएंगे 3000 रुपये? लाडकी बहिन योजना की एडवांस पेमेंट पर EC का एक्शन

Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 12 Jan 2026 10:28 PM

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लाडकी बहिन योजना, फोटो AI

Ladki Bahin Yojana: चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र सरकार को तगड़ा झटका देते हुए लाडकी बहिन योजना की एडवांस पेमेंट पर रोक लगा दिया है. सरकार ने महिलाओं के बैंक खाते में एक साथ दिसंबर और जनवरी महीने कह किस्त (3000) रुपये देने का ऐलान किया था.

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Ladki Bahin Yojana: महाराष्ट्र में नगर निकाय का चुनाव 15 जनवरी को होना है. चुनाव आयोग ने आदर्श आचार संहिता का हवाला देते हुए लाडकी बहिन योजना की जनवरी की किस्त एडवांस में जारी करने पर रोक लगा दिया.

मीडिया की खबरों पर चुनाव आयोग ने लिया एक्शन

मीडिया की खबरों में दावा किया गया था कि योजना के लाभार्थियों को मकर संक्रांति उपहार के रूप में 14 जनवरी से पहले उनके बैंक खातों में दिसंबर और जनवरी की किस्तों को मिलाकर 3,000 रुपये प्राप्त होंगे. इस पर कई शिकायतें मिलने के बाद चुनाव निकाय ने एक्शन लिया. राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि योजना के तहत नियमित या लंबित किस्तों का भुगतान किया जा सकता है, लेकिन आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि आदर्श आचार संहिता की अवधि के दौरान कोई अग्रिम भुगतान स्वीकार नहीं किया जाएगा.

मंत्री गिरीश महाजन ने 3000 रुपये देने का किया था दावा

बीजेपी नेता और मंत्री गिरीश महाजन ने दावा किया था कि योजना के पात्र लाभार्थियों को मकर संक्रांति से पहले 3000 रुपये बैंक खातों में हस्तांतरित किए जाएंगे. विपक्ष ने इस घोषणा को 15 जनवरी को 29 नगर निकायों के लिए होने वाले चुनावों से पहले मतदाताओं को प्रभावित करने का प्रयास करार दिया था.

क्या है लाडकी बहिन योजना?

लाडकी बहिन योजना राज्य सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसके तहत पात्र महिला लाभार्थियों को प्रति माह 1500 रुपये की सहायता राशि मिलती है. इस योजना को महायुति को 2024 के राज्य विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने में मदद करने का श्रेय दिया जाता है.

कांग्रेस नेता ने चुनाव आयोग में दर्ज कराई थी शिकायत

महाराष्ट्र के कांग्रेस नेता और वकील संदेश कोंडविलकर ने शनिवार को चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी. कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि पार्टी इस योजना के विरोध में नहीं है, लेकिन मतदान से ठीक पहले दो महीने की सहायता राशि एकसाथ जारी करना आचार संहिता का स्पष्ट उल्लंघन है. विवाद के बीच, मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि लाडकी बहिन योजना राज्य सरकार की एक सतत योजना है और यह चुनाव आचार संहिता के प्रतिबंधों के अंतर्गत नहीं आती.

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लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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