वानखेड़े की बढ़ी मुसीबत : जालसाजी करके लिया लिया था होटर का लाइसेंस, आबकारी विभाग की शिकायत पर केस दर्ज

Updated at : 20 Feb 2022 9:44 AM (IST)
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वानखेड़े की बढ़ी मुसीबत : जालसाजी करके लिया लिया था होटर का लाइसेंस, आबकारी विभाग की शिकायत पर केस दर्ज

आबकारी विभाग की शिकायत पर ठाणे के कोपारी थाने में दर्ज कराए गए मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि समीर वानखेड़े ने अपनी उम्र के बारे में गलत जानकारी देकर होटल एंड बार के लिए लाइसेंस हासिल किया था.

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मुंबई : पिछले साल मुंबई ड्रग्स मामले के बाद विवादों से घिरे नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के क्षेत्रीय निदेशक और भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के अधिकारी समीर वानखेड़े की मुसीबत एक बार फिर बढ़ती दिखाई दे रही है. इस बार महाराष्ट्र के आबकारी विभाग की ओर से की गई शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया गया है. इसमें आईआरएस अधिकारी समीर वानखड़े पर जालसाजी करके होटल का लाइसेंस लेने का आरोप लगाया गया है.

समाचार एजेंसी एएनआई की ओर से दी गई खबर के अनुसार, महाराष्ट्र के आबकारी विभाग ने भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारी और एनसीबी के क्षेत्रीय निदेशक समीर वानखेड़े के खिलाफ केस दर्ज कराया है. इसमें समीर वानखेड़े पर आरोप लगाया है कि उन्होंने जालसाजी के जरिए सद्गुरु होटल एंड बार का लाइसेंस प्राप्त किया था. इससे पहले उनके लाइसेंस को ठाणे कलेक्टर के आदेश पर रद्द कर दिया गया था.

लाइसेंस पाने के लिए उम्र में की हेराफेरी

खबर के अनुसार, आबकारी विभाग की शिकायत पर ठाणे के कोपारी थाने में दर्ज कराए गए मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि समीर वानखेड़े ने अपनी उम्र के बारे में गलत जानकारी देकर होटल एंड बार के लिए लाइसेंस हासिल किया था. मुकदमे में लगाए गए आरोप के अनुसार, वर्ष 1996-97 में उनकी आयु 18 वर्ष से कम थी और वे लाइसेंस पाने के काबिल नहीं थे. फिर भी उन्होंने ठाणे के सद्गुरु होटल के लिए अपने अनुबंध में मेजर होने का दावा किया था.

जिला कलेक्टर की जांच में फर्जीवाड़ा आया सामने

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, समीर वानखेड़े की ओर से जमा कराए गए आवेदन की जिला कलेक्टर की जांच में यह पाया गया कि वानखेड़े ने 27 अक्तूबर 1997 को होटल एंड बार का लाइसेंस हासिल किया था. लाइसेंस लेने के लिए 21 वर्ष की आयु की जरूरत थी, लेकिन वानखेड़े उस समय 18 वर्ष से भी कम उम्र के थे. इसलिए उसका लाइसेंस रद्द कर दिया गया.

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रद्द हुआ लाइसेंस

मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार, समीर वानखेड़े के सद्गुरु होटल के लिए 1997 में लाइसेंस के लिए जमा कराए गए आवेदन में उम्र को गलत तरीके से पेश किया गया था. ठाणे के आबकारी अधीक्षक और वानखेड़े के वकील की दलील को सुनने के बाद होटल के लाइसेंस को रद्द करने के लिए छह पेज का आदेश दिया गया था. इस बार को शराब की बिक्री की अनुमति दी गई थी.

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