मनी लॉन्ड्रिंग केस : नवाब मलिक की गिरफ्तारी के खिलाफ याचिका पर बुधवार को सुनवाई करेगा हाईकोर्ट
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 01 Mar 2022 6:06 PM
याचिकाकर्ता ने कहा कि वह निशाना बनाए जाने वाले पहले व्यक्ति नहीं हैं और समूचे देश में इस तरह की चिंताजनक प्रवृत्ति दिख रही है, जहां सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है.
मुंबई : मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के द्वारा पूछताछ किए जाने के लिए पिछले हफ्ते गिरफ्तार किए गए महाराष्ट्र में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री नवाब मलिक की याचिका पर बंबई हाईकोर्ट बुधवार को सुनवाई करेगा. नवाब मलिक ने बंबई हाईकोर्ट में अपनी गिरफ्तारी रद्द करने के लिए याचिका दायर की है. इस याचिका में उन्होंने अपनी गिरफ्तारी को अवैध बताया है. फिलहाल, नवाब मलिक तीन मार्च तक ईडी की हिरासत में रहेंगे.
मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक ने सोमवार को बंबई हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी, जिसमें दावा किया गया कि उनकी गिरफ्तारी अवैध है. इस याचिका के जरिए उन्होंने तत्काल अपनी रिहाई का आदेश देने का अनुरोध किया था. अदालत को सूचित किया गया कि आपराधिक याचिकाओं पर सुनवाई के लिए नामित न्यायमूर्ति पीबी वराले और न्यायमूर्ति एसपी तावड़े की नियमित पीठ इस सप्ताह उपलब्ध नहीं होगी.
न्यायमूर्ति शिंदे ने कहा कि उनकी पीठ भी बुधवार को उपलब्ध नहीं होगी. इसके बाद, न्यायमूर्ति शिंदे ने कहा कि मामले को बुधवार को न्यायमूर्ति एसबी शुक्रे और न्यायमूर्ति जीए सनप की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा. अपनी याचिका में नवाब मलिक ने कहा है कि उन्हें केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का मुखर आलोचक होने के कारण निशाना बनाया गया.
याचिकाकर्ता ने कहा कि वह निशाना बनाए जाने वाले पहले व्यक्ति नहीं हैं और समूचे देश में इस तरह की चिंताजनक प्रवृत्ति दिख रही है, जहां सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है. मलिक ने दावा किया कि राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) द्वारा दर्ज प्राथमिकी में नामित किसी भी राष्ट्र-विरोधी आरोपियों (दाऊद इब्राहिम और दूसरे गैंगस्टर) से उनका कोई संबंध नहीं है. एनआईए की प्राथमिकी के आधार पर ईडी ने इस मामले की जांच शुरू की थी.
महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक ने अपनी याचिका में कहा कि ईडी के अधिकारियों ने 23 फरवरी को उन्हें बिना किसी नोटिस या समन के दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 41ए के तहत उनके आवास से गिरफ्तार गिया था. मंत्री ने आगे कहा कि धन शोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के मामलों की सुनवाई के लिए नामित विशेष अदालत का 23 फरवरी का आदेश अधिकार क्षेत्र से बाहर था.
ईडी का मामला यह है कि मलिक ने दाऊद इब्राहिम के सहयोगियों (हसीना पारकर, सलीम पटेल और सरदार खान) के साथ मिलकर मुंबई के कुर्ला में मुनीरा प्लंबर की पैतृक संपत्ति को हड़पने के लिए एक आपराधिक साजिश रची, जिसकी कीमत लगभग 300 करोड़ रुपये है. ईडी ने दावा किया था कि इस तरह मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए अपराध हुआ.
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ईडी का मामला दाऊद इब्राहिम और अन्य के खिलाफ हाल में एनआईए द्वारा दर्ज प्राथमिकी पर आधारित है. एनआईए ने गैर-कानूनी गतिविधि रोकथाम कानून (यूएपीए) की धाराओं के तहत आपराधिक शिकायत दर्ज की थी. महाराष्ट्र के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मलिक का बयान पीएमएलए के तहत दर्ज किया गया था.
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