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शेर-शेरनी का नाम अकबर-सीता रखने पर कोलकता हाइकोर्ट ने लगायी फटकार, नाम बदलने का आदेश

Updated at : 22 Feb 2024 11:59 PM (IST)
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शेर-शेरनी का नाम अकबर-सीता रखने पर कोलकता हाइकोर्ट ने लगायी फटकार, नाम बदलने का आदेश

कोर्ट ने कहा कि जानवरों का नाम श्रद्धेय शख्सियतों के नाम पर नहीं रखा जाना चाहिए. गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी सफारी पार्क में त्रिपुरा के सेपाहिजला जूलॉजिकल पार्क से शेर-शेरनी के जोड़े लाये गये थे.

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कोलकाता: शेर का नाम अकबर व शेरनी का नाम सीता रखने के खिलाफ विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की बंगाल इकाई ने कलकत्ता हाइकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिस पर गुरुवार को सुनवाई करते हुए हाइकोर्ट के न्यायाधीश सौगत भट्टाचार्य ने राज्य सरकार को जम कर फटकार लगायी. गुरुवार को दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद न्यायाधीश ने सिलीगुड़ी सफारी पार्क को सीता शेरनी का नाम बदलने का आदेश दिया. कोर्ट ने कहा कि जानवरों का नाम श्रद्धेय शख्सियतों के नाम पर नहीं रखा जाना चाहिए. गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी सफारी पार्क में त्रिपुरा के सेपाहिजला जूलॉजिकल पार्क से शेर-शेरनी के जोड़े लाये गये थे.

इनका नाम अकबर और सीता था. विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की बंगाल इकाई ने इन्हें साथ में रखने को हिंदू धर्म का अपमान बताया था. विहिप ने इसके खिलाफ कलकत्ता हाइकोर्ट में याचिका दायर की थी और इनका नाम बदलने की मांग की थी. अदालत ने कहा कि क्या आप अपने पालतू जानवर का नाम किसी हिंदू भगवान या मुस्लिम पैगंबर के नाम पर रखेंगे? मुझे लगता है कि अगर हम में से कोई भी होता, तो हम में से कोई भी उनका नाम अकबर और सीता नहीं रखता. कोर्ट ने यह भी कहा कि आप उन्हें कुछ और नाम दे सकते थे.

लेकिन अकबर और सीता जैसे नाम क्यों दिये जायें? इसके बाद न्यायाधीश सौगत भट्टाचार्य ने कहा कि कृपया विवाद से बचें, अपने अधिकारियों से इन जानवरों का नाम बदलने के लिए कहें. एक निर्विवाद नाम आरक्षित करें. कृपया किसी भी जानवर का नाम हिंदू भगवान, मुस्लिम पैगंबर, ईसाई, महान पुरस्कार विजेताओं, स्वतंत्रता सेनानियों आदि के नाम पर न रखें. आमतौर पर, जो पूजनीय और आदरणीय हैं, उनके नाम नहीं दिये जाने चाहिए.

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