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पश्चिमी सिंहभूम में फोस्टर केयर योजना से जोड़े गए 55 ग्रामीण बच्चे, खुंटपानी में डिस्ट्रिक्ट लेवल इंटरफेस कार्यक्रम आयोजित

Updated at : 28 Jan 2026 3:33 PM (IST)
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West Singhbhum News

खुंटपानी प्रखंड कार्यालय में आयोजित इंटरफेस कार्यक्रम में शामिल पदाधिकारी और ग्रामीण बच्चे.

West Singhbhum News: पश्चिमी सिंहभूम के खुंटपानी प्रखंड में मिशन वात्सल्य के तहत 55 सीएनसीपी बच्चों को सरकारी योजना से जोड़ा गया. इंटरफेस सह उन्मुखीकरण बैठक में बाल संरक्षण, फॉस्टर केयर सेवाओं और पंचायत स्तर पर बच्चों की पहचान पर चर्चा की गई. अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने समन्वय मजबूत करने पर जोर दिया. पूरी खबर नीचे पढ़ें.

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खरसावां से शचींद्र दाश की रिपोर्ट

West Singhbhum News: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के 55 ग्रामीण बच्चों को फोस्टर योजनाओं से जोड़ा गया. खुंटपानी प्रखंड कार्यालय में मिशन वात्सल्य (स्पॉन्सशिप एंड फॉस्ट केयर) के तहत एक महत्वपूर्ण इंटरफेस सह उन्मुखीकरण बैठक का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम का उद्देश्य बाल संरक्षण से जुड़े सभी हितधारकों के बीच समन्वय को मजबूत करना और देखभाल एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों (सीएनपीसी) को सरकारी योजनाओं से प्रभावी रूप से जोड़ना था. बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों, जिला स्तरीय अधिकारियों, विधिक सेवा संस्थाओं और सामाजिक संगठनों ने भाग लिया.

55 संवेदनशील बच्चों को मिला योजना का लाभ

कार्यक्रम के दौरान जानकारी दी गई कि जिले में 55 सीएनपीसी बच्चों को सफलतापूर्वक मिशन वात्सल्य के प्रायोजन योजना के तहत जोड़ा गया है. इस योजना के माध्यम से इन बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और समग्र विकास के लिए नियमित आर्थिक एवं संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा. अधिकारियों ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों को परिवार आधारित देखभाल उपलब्ध कराना और उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की मुख्यधारा से जोड़ना है.

बाल संरक्षण कानूनों और फॉस्टर केयर सेवाओं पर मंथन

बैठक में वक्ताओं ने बाल संरक्षण से जुड़े कानूनों, जेजे एक्ट, प्रायोजन एवं फॉस्टर केयर सेवाओं, तथा पंचायत स्तर पर बच्चों की पहचान और संदर्भण की प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी. पंचायत प्रतिनिधियों को बताया गया कि वे अपने क्षेत्र में संवेदनशील बच्चों की पहचान कर जिला बाल संरक्षण इकाई को सूचना देकर उन्हें योजनाओं से जोड़ने में अहम भूमिका निभा सकते हैं.

प्रशासनिक, विधिक और सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि खुंटपानी प्रखंड प्रमुख सिद्धार्थ होनहागा उपस्थित रहे. विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला परिषद सदस्य यमुना तियू, पंचायत समिति सदस्य वीरेंद्र हेम्ब्रम, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी (डीसीपीओ) पुनीता तिवारी, बाल कल्याण समिति के सदस्य एमडी समीम, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा) के प्रतिनिधि, पैरा लीगल वालंटियर्स और झारखंड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य विकास दोदराजका शामिल हुए. प्लान इंडिया से अनूप होरे ने भी कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाई.

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नियमित इंटरफेस बैठकों के आयोजन का निर्णय

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि भविष्य में इस तरह की इंटरफेस सह उन्मुखीकरण बैठकें नियमित रूप से आयोजित की जाएंगी, ताकि जमीनी स्तर पर बाल संरक्षण तंत्र को और अधिक मजबूत किया जा सके. सभी वक्ताओं ने बच्चों के अधिकारों की रक्षा, सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और बहु-स्तरीय समन्वय को मिशन वात्सल्य की सफलता की कुंजी बताया.

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उपायुक्त ने पहले ही दिया था निर्देश

पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त चंदन कुमार की अध्यक्षता में बीते गुरुवार को ही जिले में बिना अभिभावक के रहने वाले 100 ग्रामीण बच्चों को फोस्टर केयर योजना के तहत जोड़ने का निर्देश दिया गया था. उपायुक्त ने इन सभी बच्चों को नियमित निगरानी करने का भी आदेश दिया था.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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