ट्रेनों की लेटलतीफी से चक्रधरपुर के रेल यात्री परेशान, अधिकारियों की तानाशाही के खिलाफ होगा आंदोलन

कोल्हान रक्षा संघ की बैठक में शामिल अध्यक्ष डिबार जोंको, महासचिव मानसिंह हेंब्रम, कोषाध्यक्ष जय सिंह हेंब्रम, टीएसी सदस्य जेसाई मारडी, और झारखण्ड सरकार के वनपट्टा सदस्य रविंद्र मंडल (बाएं से दाएं). फोटो: प्रभात खबर
West Singhbhum News: चक्रधरपुर रेल मंडल में ट्रेनों की लगातार देरी से यात्रियों में आक्रोश बढ़ा है. कोल्हान रक्षा संघ ने रेलवे कुप्रबंधन के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है. संगठन ने मांग की है कि यात्री ट्रेनों को प्राथमिकता दी जाए और व्यवस्था में जल्द सुधार किया जाए, नहीं तो उग्र प्रदर्शन होगा. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.
चक्रधरपुर से अनिल तिवारी की रिपोर्ट
West Singhbhum News: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर रेल मंडल में यात्री ट्रेनों की बदहाल स्थिति को लेकर लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है. राउरकेला-टाटानगर रेलखंड पर एक्सप्रेस ट्रेनों के 5 से 7 घंटे की देरी से चलने के कारण आम यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इस मुद्दे को लेकर अब आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर ली गई है.
कोल्हान रक्षा संघ की बैठक में उठी आवाज
रेलवे के कुप्रबंधन के खिलाफ शुक्रवार को चक्रधरपुर में कोल्हान रक्षा संघ के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक के बाद संघ के केंद्रीय अध्यक्ष डिबार जोंको और वरिष्ठ सदस्य रवींद्र मंडल ने प्रेस को संबोधित करते हुए रेलवे प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए और चेतावनी दी.
रेलवे को संसाधनों से प्यार, लोगों से नहीं: डिबार जोंको
डिबार जोंको ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि सारंडा क्षेत्र से रेलवे रोजाना करोड़ों रुपये का लौह अयस्क और मैंगनीज ढोता है, लेकिन यहां के लोगों को यात्रा के लिए बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिलतीं. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या स्थानीय लोग सिर्फ रेलवे की कमाई का जरिया बनकर रह गए हैं.
5 से 7 घंटे लेट चल रही हैं ट्रेनें
उन्होंने आरोप लगाया कि राउरकेला से टाटानगर के बीच एक्सप्रेस ट्रेनें लगातार 5 से 7 घंटे की देरी से चल रही हैं. यह स्थिति रेलवे प्रशासन, विशेषकर चक्रधरपुर मंडल के डीआरएम की अक्षमता और तानाशाही को दर्शाती है. यात्रियों को घंटों प्लेटफॉर्म पर इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे उनका समय और संसाधन दोनों बर्बाद हो रहे हैं.
मालगाड़ियों को दी जा रही प्राथमिकता
रवींद्र मंडल ने कहा कि रेलवे प्रशासन जानबूझकर यात्री ट्रेनों को रोककर मालगाड़ियों को प्राथमिकता दे रहा है, ताकि अधिक मुनाफा कमाया जा सके. इसका खामियाजा आम यात्रियों, खासकर मरीजों और छात्र-छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं.
रेलवे को दी गई सख्त चेतावनी
कोल्हान रक्षा संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि रेलवे प्रशासन ने जल्द ही अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया, तो जनता पटरियों पर उतरकर चक्का जाम करने को मजबूर होगी. संघ ने कहा कि एक सप्ताह के भीतर स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो सिंहभूम क्षेत्र में उग्र आंदोलन किया जाएगा.
केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय से जांच की मांग
संघ ने केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय से मांग की है कि चक्रधरपुर मंडल के वर्तमान डीआरएम के कामकाज की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए. उन्होंने कहा कि कुप्रबंधन और अनुशासनहीनता के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.
कोल्हान रक्षा संघ की प्रमुख मांगें
- राउरकेला-टाटानगर रेलखंड पर ट्रेनों का समय पूर्व की तरह 3 घंटे सुनिश्चित किया जाए.
- यात्री ट्रेनों को मालगाड़ियों से पहले प्राथमिकता दी जाए.
- डीआरएम के कार्यों की जांच कर उचित कार्रवाई की जाए.
- स्थानीय स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं में तत्काल सुधार किया जाए.
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बैठक में कई सदस्य रहे मौजूद
इस बैठक में महासचिव मानसिंह हेंब्रम, कोषाध्यक्ष जय सिंह हेंब्रम, जेसाई मारडी, टीएसी सदस्य और वनपट्टा झारखंड सरकार के सदस्य सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे. सभी ने एक स्वर में रेलवे की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प लिया.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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