दो बच्चे तालाब में डूबे, एक की मौत चाईबासा. तांबो गांव की घटना
Updated at : 15 Dec 2016 3:57 AM (IST)
विज्ञापन

चाईबासा : मुफस्सिल थानांतर्गत तांबों गांव के पोखर में शौच करने गये एलकेजी के छात्र असमीर बारी (6) की डूबने से मौत हो गयी, जबकि यूकेजी का छात्र कृष्णा हेस्सा को बेहोशी की हालत में पोखर (तालाब) से निकाल लिया गया. घटना बुधवार की दोपहर करीब दो बजे की है. दोनों बच्चे एलबीएस स्कूल टुंगरी […]
विज्ञापन
चाईबासा : मुफस्सिल थानांतर्गत तांबों गांव के पोखर में शौच करने गये एलकेजी के छात्र असमीर बारी (6) की डूबने से मौत हो गयी, जबकि यूकेजी का छात्र कृष्णा हेस्सा को बेहोशी की हालत में पोखर (तालाब) से निकाल लिया गया. घटना बुधवार की दोपहर करीब दो बजे की है. दोनों बच्चे एलबीएस स्कूल टुंगरी में पढ़ते हैं.
कृष्णा की दीदी गीता हेस्सा ने बताया कि कृष्णा दोपहर 12 बजे स्कूल से घर आया. पड़ोस के तीन बच्चों के साथ शौच के लिए पोखर की ओर गया. थोड़ी देर में ग्रामीणों ने घर आकर बताया कि बच्चे पोखर में डूब रहे हैं. वह कुमारडुंगी थानांतर्गत जामुदा गांव की रहने वाली हैं. तांबों के बोदराबासा में किराये के मकान में रहकर छोटे भाई व बहन के साथ पढ़ाई कर रही है. उसके माता-पिता गांव में रहकर खेती-बारी करते हैं. वह महिला कॉलेज में पढ़ रही है. मृतक असमीर टोंटो थानांतर्गत रतांगगोय बामेबासा का रहनेवाला है. वह अपनी बुआ के साथ किराये के
दो बच्चे तालाब में डूबे…
मकान में रहकर पढ़ाई कर रहा था.
गांव के 5-7 युवकों ने बाहर निकाला : बच्चों के डूबने की खबर से ग्रामीणों की भीड़ जुट गयी. गांव के 5-7 युवक पोखर में कूदे. उन्होंने सबसे पहले कृष्णा हेस्सा को बेहोशी की हालत में पानी से बाहर निकाला. उसे सदर अस्पताल में भरती कराया गया. वहां उसका इलाज चल रहा है.
पोखर में इसी साल किया गया है गड्ढा : ग्रामीणों ने बताया कि पोखर में इसी साल गड्ढा किया गया है. इसके कारण पोखर में काफी पानी भरा है. मृतक छात्र के पिता राजेश बारी ने बताया कि जानकारी मिलते ही वे तांबो पहुंचे. उस समय ग्रामीण बच्चे को पानी के अंदर खोज रहे थे. असमीर उनका बड़ा बेटा था.
एक बच्चे को बेहोशी की हालत में तालाब से निकाला गया, सदर अस्पताल में चल रहा इलाज
एलकेजी में पढ़ता था छात्र असमीर बारी, बुआ के साथ किराये के मकान में रहता था
इलाजरत कृष्णा हेस्सा.
असमीर बारी, जिसकी मौत हो गयी.
अस्पतालों में चिकित्सक रहते तो शायद बच जाती असमीर की जान : युवकों ने डेढ़ घंटे की तलाश के बाद असमीर को तालाब से निकाला. उसे सदर समेत तीन अस्पतालों में इलाज के लिए लाया गया, लेकिन कहीं पर डॉक्टर उपलब्ध नहीं थे. सबसे पहले असमीर को बिरुवा नर्सिंग होम लाया गया. वहां चिकित्सक नहीं थे. इसके बाद उसे गायत्री नर्सिंग होम लाया गया. यहां भी चिकित्सक नहीं थे. इसके बाद बच्चे को सदर अस्पताल के इमरजेंसी में लाया गया. यहां भी चिकित्सक नहीं थे. इस कारण उसे आशा नर्सिंगहोम लाया गया. यहां भी चिकित्सक नहीं थे. यहां से मुंधड़ा नर्सिंग होम लाया गया. यहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया. लोगों का कहना था कि अगर समय पर अस्पताल में डॉक्टर मौजूद रहते तो शायद असमीर की जान बच जाती.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




