17.1 C
Ranchi

लेटेस्ट वीडियो

परिसदन का केयरटेकर नक्सली बीरेंद्र गिरफ्तार

चाईबासा. वीआइपी मूवमेंट की सूचना लिक कर रहा था चाईबासा : माओवादियों के लिये मुखबिरी करने के आरोप में मुफस्सिल थाना पुलिस ने चाईबासा सर्किट हाउस (परिसदन) के केयरटेकर बीरेंद्र दास को गिरफ्तार कर लिया है. बीरेंद्र के साथ-साथ ही मेसर्स तिरुपति सेल्स बड़ा नीमडीह चाईबासा तथा नक्सली शंकर सिरका के खिलाफ 17 सीएलए एक्ट, […]

चाईबासा. वीआइपी मूवमेंट की सूचना लिक कर रहा था

चाईबासा : माओवादियों के लिये मुखबिरी करने के आरोप में मुफस्सिल थाना पुलिस ने चाईबासा सर्किट हाउस (परिसदन) के केयरटेकर बीरेंद्र दास को गिरफ्तार कर लिया है. बीरेंद्र के साथ-साथ ही मेसर्स तिरुपति सेल्स बड़ा नीमडीह चाईबासा तथा नक्सली शंकर सिरका के खिलाफ 17 सीएलए एक्ट, धारा 468, 470, 471, 120 के तहत मामला दर्ज किया गया है. गुरुवार को आरोपी बीरेंद्र को मीडिया के समक्ष पेश किया गया. उस पर सर्किट हाउस में आने वाले बड़े नेताओं के साथ-साथ पुलिस व सीआरपीएफ के बड़े अधिकारियों की रेकी करने तथा उनसे संबंधित सूचनाएं नक्सलियों तक पहुंचाने का आरोप है.
डीएसपी हेडक्वार्टर प्रकाश कुमार सोय ने गुरुवार को पत्रकारों को बताया कि 21 सितंबर को पुलिस अधीक्षक चाईबासा द्वारा मुफस्सिल थाना पुलिस को सूचना दी गयी कि फोन संख्या 7482982923 का धारक लगातार भाकपा माओवादी के शीर्ष नेता के मोबाइल 7684946633 के संपर्क में है. उसके द्वारा सर्किट हाउस चाईबासा में ठहरने वाले विशिष्ट व्यक्ति व पुलिस के वरीय पदाधिकारियों के संबंध में माओवादियों को सूचना दी जा रही है. इसके बाद पुलिस ने संबंधित फोन का सीडीआर व कैफ निकाला. पुलिस ने पाया कि वह सिम तांतनगर थाना क्षेत्र के कुंभराम निवासी निर्मला कुई के नाम पर है.
परिसदन का केयरटेकर…
सिम मेसर्स तिरुपति सेल्स बड़ा नीमडीह चाईबासा से खरीदा गया है. जांच में पाया गया कि निर्मला की मौत 11 फरवरी 2016 को ही हो चुकी है. उसके पति ने बताया कि उक्त नंबर का मोबाइल उनके पास नहीं है. इसके बाद यह साफ हो गया था कि फरजी नाम से सिम निकाला गया है. इसके बाद पुलिस ने उक्त सिम से जीतेंद्र महतो (8603575727) व सत्येंद्र दास (7250875255) द्वारा किये गये फोन की जांच शुरू की. पुलिस ने उक्त दोनों लोगों से पूछताछ की, तो उन्होंने बताया कि संबंधित नंबर(7482982923) सर्किट हाउस के केयरटेकर बीरेंद्र दास, निवासी गांव भुनी, थाना बोड़ाम, जिला पूर्वी सिंहभूम का है. इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया.
डेढ़ माह पहले बीरेंद्र का माओवादियों ने किया था अगवा : ुलिस की पूछताछ में बीरेंद्र ने बताया कि डेढ़ माह पहले शाम के लगभग 6 बजे उसे सर्किट हाउस से माओवादी ने बहला फुसलाकर अगवा कर लिया. इसके बाद उसे जेटिया थाना क्षेत्र के जंगल ले जाया गया. वहां पर माओवादी नेता शंकर सिरका से मिलाया गया. उसे संगठन को सहयोग करने को कहा गया. उसे परिवार को मार डालने की धमकी दी गयी. पूरी रात उसे वहीं पर रखा गया. सुबह चार बजे उसे छोड़ दिया गया. एक सप्ताह बाद फिर उसे पोस्ट ऑफिस चौक से अगवा कर वहीं ले जाया गया. इस बार उसे पैसे का भी लालच दिया गया था. इसके बाद बीरेंद्र उन्हें घटना की सूचना देना लगा था.
मुख्य रूप से नक्सली बीरेंद्र के सहयोग से सीआरपीएफ व पुलिस की मूवमेंट के बारे में जानकारी हासिल करना चाहते थे. बीरेंद्र को जितनी जानकारी होती थी, वह उन्हें दे देता था. वीआइपी मूवमेंट की सूचना लिक किये जाने से भी इनकार नहीं किया जा सकता है.
इंद्रजीत माहथा, प्रभारी एसपी (पश्चिमी सिंहभूम)
मृत व्यक्ति के नाम पर जारी सिम का कर रहा था इस्तेमाल
गिरफ्तार बीरेंद्र दास के साथ मीडिया को जानकारी देते डीएसपी हेडक्वार्टर व अन्य.
ठहरनेवाले अफसर, वीआइपी की नक्सलियों को देता था सूचना
बीरेंद्र ने बताया कि वह 7684946633 पर माओवादी नेता जेटिया के जामझुई निवासी शंकर सिरका से बात करता था. उसे सर्किट हाउस में ठहरने वाले वीआइपी व पुलिस पदाधिकारियों की सूचना देता था. पुलिसिया कार्रवाई की भनक पर उसने सिम सहित फोन को कुजू नदी में फेंक दिया था. पुलिस ने बतायी गयी जगह पर फोन की तलाशी की, लेकिन बात नहीं बनी.
मुख्यमंत्री रघुवर दास व शीर्ष पुलिस अफसर थे निशाने पर!
चाईबासा सर्किट हाउस के केयरटेकर बीरेंद्र दास के सहयोग से नक्सली बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे. बीरेंद्र को सर्किट हाउस में ठहरनेवाले सीएम से लेकर राज्य के मंत्री और पुलिस प्रशासन के अधिकारियों की पूरी खबर रहती थी. उसके ऊपर सभी वीआइपी को ठहराने व भोजन आदि कराने की व्यवस्था की जिम्मेवारी होती थी. पुलिस सूत्रों की मानें, तो बीरेंद्र के जिरये नक्सली सीएम व मंत्री से लेकर पुलिस व अन्य अधिकारियों को टारगेट में लेनेवाले थे. 9 सितंबर को मुख्यमंत्री रघुवर दास के चाईबासा आने से पहले उसी दिन सुबह शहर के सरायकेला मोड़ के पास पुल पर उनकी हत्या
मुख्यमंत्री रघुवर दास…
की धमकी भरा बैनर नक्सलियों ने लगाया था. इसके बाद पुलिस के कान खड़े हो गये थे. पुलिस जांच कर रही थी. नक्सलियों के फोन सर्विलांस के जरिये टेप किये जा रहे थे. बीरेंद्र ने मुख्यमंत्री रघुवर दास के चाईबासा आगमन पर मंच पर न केवल चाय परोसा था, बल्कि रांची लौटने से पूर्व सर्किट हाउस में दोपहर का खाना भी खिलाया था. बीरेंद्र को पूर्व के सीएम, मंत्री व अधिकारी भी व्यक्तिगत रूप से जानते और नाम से पुकारते थे.
इसी माह 9 तारीख को मुख्यमंत्री रघुवर दास चाईबासा एक कार्यक्रम में आये थे. उसी दिन शहर के सरायकेला मोड़ की पुलिया पर उन्हें जान से मारने की धमकी भरा बैनर नक्सलियों ने टांगा था.
Prabhat Khabar Digital Desk
Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

संबंधित ख़बरें

Trending News

जरूर पढ़ें

वायरल खबरें

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel