अस्ताचलगामी सूर्य को दिया अर्घ्य

चाईबासा : कांचहि बांस के बहिंगियां, बंहगी लचकत जाय…, भरिहवा जै होउं कवनरम, भार घाटे पहुंचाय… जैसे लोक गीतों के साथ छठ व्रतियों ने मंगलवार को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया. व्रतियों ने सूर्यदेव की आराधना फल व पकवान से सजे सूप लेकर किया. नदी में खड़े होकर व्रतियों ने परिवार के साथ सुख समृद्धि […]
चाईबासा : कांचहि बांस के बहिंगियां, बंहगी लचकत जाय…, भरिहवा जै होउं कवनरम, भार घाटे पहुंचाय… जैसे लोक गीतों के साथ छठ व्रतियों ने मंगलवार को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया. व्रतियों ने सूर्यदेव की आराधना फल व पकवान से सजे सूप लेकर किया. नदी में खड़े होकर व्रतियों ने परिवार के साथ सुख समृद्धि शांति के लिए प्रार्थना की. बुधवार की सुबह उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ चैती छठ का समापन हो जायेगा. सुबह से ही छठ के गीत घरों में बजते रहे. शाम को पुरुष दौरी सिर पर लेकर घाट पहुंचे थे.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




