गेड़ुवा में दो हाथी की रहस्यमय मौत

Published at :02 Feb 2016 6:38 AM (IST)
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गेड़ुवा में दो हाथी की रहस्यमय मौत

पटमदा : बोड़ाम प्रखंड के गेड़ुवा (चिरूगोड़ा) स्थित तारापदो मुर्मू उर्फ लेढ़ा के खेत में रविवार की रात दो हाथी की रहस्यमय तरीके से मौत हो गयी. मरने वाले हाथी में एक बड़ा व एक छोटा हाथी शामिल है. सूचना मिलने के बाद सोमवार सुबह दलमा वन क्षेत्र पदाधिकारी आरपी सिंह के नेतृत्व में वन […]

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पटमदा : बोड़ाम प्रखंड के गेड़ुवा (चिरूगोड़ा) स्थित तारापदो मुर्मू उर्फ लेढ़ा के खेत में रविवार की रात दो हाथी की रहस्यमय तरीके से मौत हो गयी. मरने वाले हाथी में एक बड़ा व एक छोटा हाथी शामिल है. सूचना मिलने के बाद सोमवार सुबह दलमा वन क्षेत्र पदाधिकारी आरपी सिंह के नेतृत्व में वन अधिकारी घटना स्थल पर पहुंच कर मामले की तहकीकात की.

पूछताछ करने पर खेत मालिक तारापदो मुर्मू ने रेंजर आरपी सिंह को बताया कि रविवार की सुबह वह अपने गेहूं के खेत में थाइमेट (कीटनाशक) दवा का स्प्रे किया था. इधर गांव के अन्य लोगों ने बताया कि पिछले दो दिनों का गेड़ुवा, चिरूगोड़ा, मिर्जाडीह आदि क्षेत्र में लगातार हाथियों का उत्पात जारी है. रविवार की रात आठ बजते ही लगभग डेढ़ दर्जन हाथियों का झुंड गेड़ुवा व चिरूगोड़ा गांव में घूस कर गांव के चारों अोर उत्पात मचाने लगा. दर्जन भर लोगों के खेत में लगे फसल रौंद डाला.

कर्इ घरों का दीवार ध्वस्त कर दिया. घर पर रखे धान, चावल आदि खा गये. हाथियों का यह सिलसिला सोमवार सुबह छह बजे तक जारी रहा. उसी हाथियों के झुंड में से दो हाथी की खेत में मौत हो गयी. बाकी बचे हाथियों का झुंड गेड़वा जंगल में भाग गये. हाथी के मरने की सूचना के बाद आसपास गांव के हजारों लोग दोनों मृत हाथी को देखने व पूजा पाठ के लिए उमड़ पड़े.

फॉरेस्ट विभाग ने पटमदा के पशु चिकित्सा पदाधिकारी वाइपी सिंह एवं भुइयांडीह के पशुचिकित्सा पदाधिकारी अखिलेश सिंह द्वारा दोनों मृत हाथियों का पहले पोस्टमार्टम कराया गया, इसके बाद दोनों हाथी को जेसीबी से तारापदो मुर्मू के खेत में गड्ढा खोद कर दफना दिया गया. इस मौके पर विभाग के वनपाल रवींद्र कुमार, सदानंद सिंह, तपन कुमार, वनरक्षी पूर्वी देवगम व कलेश्वर भगत शामिल थे.

रांची फॉरेंसिक लैब में जांच होगी : डॉक्टर
पटमदा के पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ वाइपी सिंह ने बताया कि मृत हाथियों का पोस्टमार्टम रिपोर्ट आदि की जांच रांची के फॉरेंसिक लैब में किया जायेगा. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मामले का खुलासा होगा.
मिर्जाडीह में अब तक पांच हाथी की हो चुकी है मौत
दलमा के तरार्इ पर स्थित मिर्जाडीह पंचायत में पिछले सात वर्षों में अब तक पांच हाथी की मौत हो चुकी है. दो जून 2008 को मिर्जाडीह के चिरूगोड़ा गेड़वा स्थित रामकिशुन बगान में एक बड़ा व एक छोटा हाथी की करंट लगने से मौत हो गयी थी. चार जुलार्इ 2015 को मिर्जाडीह के कुलटांड़ में करंट लगने से एक बड़ा हाथी की मौत हो गयी थी. रविवार की रात वही चिरूगोड़ा (गेडुवा) गांव में रहस्मय तरीके से दो हाथी की मौत हो गयी.
फसलों को पहुंचाई क्षति
रविवार की रात गेड़ुवा व चिरूगोड़ा गांव में घुसे हाथियों के झुंड ने धनीराम टुडू, फुलमनी सिंह, अभय सिंह, तारापदो मुर्मू, अशोक कुमार, नानसी थमस व नींबु बगान में घुस कर साग सब्जियों को पहले खाया अौर बाद में फसलों को पैरों तले रौंद कर बरबाद कर दिया. वहीं जगदेव बाल किंकर, विपीन दुबे व नानसी के घर की दीवार को तोड़ दिया.
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