कॉलेजों को मिली तीन माह की मोहलत
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :16 Apr 2015 5:33 AM (IST)
विज्ञापन

दिल्ली में एनसीटीइ के सामने तीन कॉलेजों ने रखा अपना पक्ष जमशेदपुर/चाईबासा : कोल्हान विश्वविद्यालय के तीन अंगीभूत कॉलेज महिला कॉलेज चाईबासा, बहरागोड़ा बीएड कॉलेज व ग्रेजुएट कॉलेज जमशेदपुर में बीएड के अगले सत्र पढ़ाई को लेकर फिलहाल मामला लटका हुआ है. बुधवार को दिल्ली स्थित नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (एनसीटीइ) मुख्यालय में कोल्हान […]
विज्ञापन
दिल्ली में एनसीटीइ के सामने तीन कॉलेजों ने रखा अपना पक्ष
जमशेदपुर/चाईबासा : कोल्हान विश्वविद्यालय के तीन अंगीभूत कॉलेज महिला कॉलेज चाईबासा, बहरागोड़ा बीएड कॉलेज व ग्रेजुएट कॉलेज जमशेदपुर में बीएड के अगले सत्र पढ़ाई को लेकर फिलहाल मामला लटका हुआ है. बुधवार को दिल्ली स्थित नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (एनसीटीइ) मुख्यालय में कोल्हान के तीन कॉलेजों के प्रतिनिधियों ने पक्ष रखा गया.
इससे पूर्व कॉलेजों द्वारा एनसीटीइ में अपील की गयी थी. पक्ष सुनने के बाद एनसीटीइ ने तीनों कॉलेजों को तीन माह का समय दिया है.
इस दौरान प्रत्येक कॉलेज को बीएड पाठय़क्रम संचालन के लिए एनसीटीइ की शर्तो के अनुरूप आधारभूत संरचना, संसाधन, शिक्षक, पुस्तकालय समेत अन्य सुविधाएं सुनिश्चित की जानी है. इसके साथ ही एनसीटीइ को संबंधित रिपोर्ट सौंपनी है. रिपोर्ट व उसके सत्यापन के बाद इन कॉलेजों को अगले सत्र में बीएड कोर्स संचालन पर एनसीटीइ अंतिम निर्णय देगा. दूसरी ओर एनसीटीइ से यह भी कहा गया है कि तीन माह में सारी शर्ते पूरी नहीं हो पाने की स्थिति में संबंधित कॉलेज की बीएड की मान्यता समाप्त कर दी जायेगी.
पांच कॉलेजों को बंद करने का है निर्णय
कोल्हान विश्वविद्यालय के अंगीभूत बीएड कॉलेजों में एनसीटीइ की शर्तो के अनुसार आधारभूत संरचना व संसाधन उपलब्ध नहीं है. इस वजह से एनसीटीइ ने संबंधित कॉलेजों की बीएड की मान्यता समाप्त करने का निर्णय लिया है. इसके बाद विश्वविद्यालय की ओर से बीएड बचाने का प्रयास किया जा रहा है.
अंगीभूत कॉलेजों में बीएड बचाने की कवायद
जमशेदपुर. बीएड कॉलेजों में आगामी सत्र 2015-17 में नामांकन प्रक्रिया का समय नजदीक आते देख अंगीभूत कॉलेजों में बीएड की मान्यता बचाने की कवायद शुरू कर दी गयी है.
कोल्हान विश्वविद्यालय के कुछ कॉलेजों द्वारा अपने स्तर से इस दिशा में प्रयास किया जा रहा है, वहीं राज्य के मानव संसाधन विकास विभाग (एचआरडी) भी इस पर विचार कर रहा है. पिछले दिनों राजभवन में संपन्न बैठक में इस मसले पर भी चर्चा हुई. बताया जाता है कि एचआरडी को इसकी जिम्मेवारी सौंपी गयी है.
एचआरडी संभवत: नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (एनसीटीइ) से पत्रचार करेगा, ताकि एक समय सीमा के तहत शर्तो के मुताबिक कॉलेजों की आधारभूत संरचना, लाइब्रेरी, लैब, शिक्षक आदि कमियों को दूर किया जा सके. कोल्हान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ आरपीपी सिंह ने बताया कि बैठक में एनसीटीइ से पत्रचार करने आदि के मामले पर गंभीरता के साथ विचार-विमर्श किया गया है.
फिलहाल हमें और तीन माह तक का समय मिला है. तीन माह में एनसीटीइ के मापदंडों को पूरा करना है. जिसके बाद ही हमें अगले सत्र में बीएड चलाने की अनुमति दी जायेगी. अपील करने के बाद ही बुधवार को हमें दिल्ली में पक्ष रखने का मौका मिला.
डॉ शैलबाला दास, प्राचार्या, महिला कॉलेज
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




