बासी भोजन है हानिकारक
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :08 Apr 2015 6:18 AM (IST)
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चक्रधरपुर : जरूरत के मुताबिक लोगों को खाद्य पदार्थ लेना चाहिये. शेष बचे भोजन को दो घंटें के अंतराल में सेवन करना अनिवार्य है. इसके बाद खाद्य पदार्थ असुरक्षित हो जाता है. बासी भोजन कभी न करें. यह स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक होता है. उक्त बातें मंगलवार को रेल चिकित्सकों द्वारा ‘कृषि क्षेत्र से […]
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चक्रधरपुर : जरूरत के मुताबिक लोगों को खाद्य पदार्थ लेना चाहिये. शेष बचे भोजन को दो घंटें के अंतराल में सेवन करना अनिवार्य है. इसके बाद खाद्य पदार्थ असुरक्षित हो जाता है. बासी भोजन कभी न करें. यह स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक होता है.
उक्त बातें मंगलवार को रेल चिकित्सकों द्वारा ‘कृषि क्षेत्र से थाली तक भोजन को सुरक्षित बनाये’ विषय पर आयोजित संगोष्ठी को बतौर मुख्य अतिथि मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ आरके पाणि ने कही. संगोष्ठी विश्व स्वास्थ्य दिवस पर दक्षिण-पूर्व रेलवे अस्पताल चक्रधरपुर के टेलीमेडिसीन सेंटर में आयोजित किया गया था. संगोष्ठी में दक्षिण पूर्व रेलवे के खाद्य संरक्षा अधिकारी सह स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रभारी डॉ एस सरेन ने कृषिक्षेत्र से थाली तक भोजन को सुरक्षित बनाने की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने कहा कि आज के आधुनिक युग में खाद्य पदार्थ को पैकेजिंग कर दुनिया के कोने-कोने में भेजा जा रहा है.
अधिक दिनों तक रहने से इन खाद्य पदार्थो में रासायनिक परिवर्तन से हानिकारक कीटाणु और जीवाणु फैलने का खतरा रहता है. असुरक्षित खाद्य पदार्थो में मौजूद हानिकारक सुक्ष्म जीवाणुओं से करीब दो सौ से अधिक बीमारियां हो सकती है. असुरक्षित खाद्य पदार्थो से बचकर लोग निरोग रह सकते हैं.
संगोष्ठी को डॉ एसबी ओझा व डॉ कैलाश नाथ ने भी संबोधित किया. मौके पर डॉ जी सोरेन, डॉ के मुमरू समेत कई चिकित्सा कर्मी मौजूद थे.
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