2015 से चल रहा बैंक, न सुरक्षा प्रहरी और न ही सीसीटीवी कैमरा

चाईबासा : उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक टुंगरी के उक्त मकान में 2015 से चल रहा है. दो साल पहले ही इसे बैंक की मान्यता मिली है. लेकिन इसके बावजूद बैंक में सुरक्षा के नाम पर किसी तरह की कोई व्यवस्था नहीं है. बैंक द्वारा सुरक्षा प्रहरी की नियुक्ति नहीं की गयी है. यहां तक की […]
चाईबासा : उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक टुंगरी के उक्त मकान में 2015 से चल रहा है. दो साल पहले ही इसे बैंक की मान्यता मिली है. लेकिन इसके बावजूद बैंक में सुरक्षा के नाम पर किसी तरह की कोई व्यवस्था नहीं है. बैंक द्वारा सुरक्षा प्रहरी की नियुक्ति नहीं की गयी है. यहां तक की बैंक में सीसीटीवी कैमरा भी नहीं लगा है.
दो कमरे के इस बैंक में जहां एक कमरे में बैंक मैनेजर व कैशियर बैठते हैं. वहीं अन्य एक कमरे को बैंक कर्मचारी आवास के तौर पर उपयोग में लाते हैं. जबकि ऊपरी मंजिल पर मकान मालिक का परिवार रहता है. पूरे बिल्डिंग का प्रवेश द्वारा एक ही है. अन्य बैंकों की तरह बैंक के समय में ग्रील वाले इस फाटक में न तो चेन लगा हुआ था और न ही सुरक्षा का कोई अन्य बंदोबस्त था.
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