नहाय-खाय आज, कल खरना संग 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू

Updated at : 24 Oct 2017 3:58 AM (IST)
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नहाय-खाय आज, कल खरना संग 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू

लोक आस्था के महापर्व छठ को लेकर उल्लास सूर्यनारायण को श्रद्धा पूर्वक अ‌र्घ अर्पित किया जाता है षष्ठी को सांध्यकालीन और सप्तमी को प्रातकालीन सूर्य को दिया जायेगा अ‌र्घ चाईबासा : लोक आस्था का चार दिवसीय महापर्व छठ मंगलवार को नहाय-खाय के साथ शुरू होगा. इसे लेकर जिले में उल्लास व उत्साह का माहौल है. […]

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लोक आस्था के महापर्व छठ को लेकर उल्लास

सूर्यनारायण को श्रद्धा पूर्वक अ‌र्घ अर्पित किया जाता है
षष्ठी को सांध्यकालीन और सप्तमी को प्रातकालीन सूर्य को दिया जायेगा अ‌र्घ
चाईबासा : लोक आस्था का चार दिवसीय महापर्व छठ मंगलवार को नहाय-खाय के साथ शुरू होगा. इसे लेकर जिले में उल्लास व उत्साह का माहौल है. शहर से लेकर देहात तक इसकी रौनक दिख रही है. चूंकि इस पर्व में साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखा जाता है. ऐसे में व्रतियों के साथ घर-परिवार के लोग भी तैयारी में जुट गये हैं. इसे लेकर बाजार में रौनक दिख रही है. सनातन धर्म के पांच प्रमुख देवताओं में सूर्यनारायण प्रत्यक्ष देव हैं. वाल्मीकि रामायण में आदित्य हृदयस्त्रोत से सूर्यदेव की जो स्तुति की है,
उसमें इनके सर्वदेवमय, सर्वशक्तिमय स्वरूप का बोध होता है. छठ पर्व, सूर्योपासना का अमोघ अनुष्ठान है. इससे समस्त रोग, शोक, संकट और शत्रु नष्ट होते हैं और संतान का कल्याण होता है. कार्तिक शुक्ल पक्ष षष्ठी के दिन सांध्यकाल में नदी, नहर या तालाब के किनारे व्रती स्त्री, पुरुष सूर्यास्त के समय अनेक प्रकार के पकवानों को बांस के सूप में सजाकर सूर्यनारायण को श्रद्धा पूर्वक अ‌र्घ अर्पित करते हैं. सप्तमी तिथि को प्रात: कल उगते हुए सूर्य को अ‌र्घ देने के उपरांत व्रत पूर्ण होता है. ऐसी मान्यता है कि सूर्य पूजन से नि:संतान को पुत्र सुख प्राप्त हुआ है. सूर्यदेव के अराधना से नेत्र, त्वचा और हृदय के सभी रोग ठीक हो जाते हैं.
चाईबासा बाजार में खरीदारी को उमड़ी भीड़
महापर्व छठ को लेकर सोमवार को शहर के बाजार सज गये हैं. बाजार में फलों की दुकान सज गयी हैं, तो पूजा-पाठ की दुकानों पर लोगों की भीड़ उमड़ रही है. बाजार में नारियल, सूप, केला, सेब, गन्ना की ब्रिकी जोरों पर रही. शहर के बस स्टैंड चौक, जेल रोड, सदर बाजार, पोस्ट ऑफिस चौक, गांधी मैदान आदि जगहों पर फल के साथ पूजा सामान की बिक्री को लेकर दुकानदारों ने कतार में दुकानें लगायी है.
फलों के भाव में आयी तेजी : त्योहार को लेकर गन्ना की डाली प्रति जोड़ा 60 रुपए में बिका. वहीं उत्तम क्वालिटी का सेब प्रति किलो 140 रुपए में बिका. नांरगी की कीमत 80 रुपए रही. केला प्रति कांदी 400 सौ रुपए दर रही. छठ में नारियल का महत्व अधिक होने के कारण यह प्रति जोड़ा 60 रुपए रही. मिट्टी चूल्हे व आम की लकड़ी की मांग बढ़ी : खरना का प्रसाद तैयार करने के लिये व्रतियों ने मिट्टी व लोहे के नये चूल्हे खरीदे. मिट्टी के चूल्हे 150 रुपये प्रति पीस तक मिल रहा था. वहीं लोहे के चू्ल्हे 200 से 250 रुपये में मिल रहे. आम की लकड़ी का एक बंडल 100 रुपये में मिल रहा था.
दउरा व सूप की बिक्री बढ़ी : छठ पूजा को लेकर दउरा व सूप की बिक्री बढ़ गयी है. बाजार में काफी मात्रा में दउरा व सूप बाजार में उपलब्ध है. बाजार में दउरा जहां 300 रुपये तक बिक रहा, वहीं सूप की कीमत 70-80 रुपये रही. बेजोज बंधे वाले सूप की 150 रुपये तक थी. इसके अलावे छोटी झुड़ी की कीमत प्रति पीस 70 रुपये रही.
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