जिप बैठक में हंगामा, सदस्यों ने किया बहिष्कार, थोडे इंतजार के बाद स्थगित

Updated at : 01 Aug 2017 4:33 AM (IST)
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जिप बैठक में हंगामा, सदस्यों ने किया बहिष्कार, थोडे इंतजार के बाद स्थगित

जिप सचिव के खिलाफ सदस्यों ने की नारेबाजी, अफसरों पर उपेक्षा का आरोप पूर्व में हुए निर्णयों पर अमल होने तक सभी तरह की बैठक स्थगित रखने की मांग जिला परिषद सचिव को हटाने की मांग पर अड़े सदस्य चाईबासा : जिला परिषद सभागार में सोमवार को भारी हंगामा व सदस्यों के बहिष्कार के कारण […]

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जिप सचिव के खिलाफ सदस्यों ने की नारेबाजी, अफसरों पर उपेक्षा का आरोप

पूर्व में हुए निर्णयों पर अमल होने तक सभी तरह की बैठक स्थगित रखने की मांग
जिला परिषद सचिव को हटाने की मांग पर अड़े सदस्य
चाईबासा : जिला परिषद सभागार में सोमवार को भारी हंगामा व सदस्यों के बहिष्कार के कारण जिला परिषद की सामान्य बैठक स्थगित कर दी गयी. दरअसल बैठक में प्रोसीडिंग पढ़ना शुरू होते ही जिला परिषद सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया. जिप सदस्यों ने पूर्व की बैठकों में लिये गये निर्णयों पर अमल नहीं होने और उनके सवालों का जवाब जिला परिषद सचिव की ओर से नहीं देने का
आरोप लगाया.
इसके बाद जिप सदस्य बैठक का बहिष्कार करते हुए सदन से बाहर चले गये. इसके कारण 10 मिनट के लिए सदन स्थगित कर दिया गया. 10 मिनट तक जिप सदस्यों का सदन में आने का इंतजार किया गया. इसके बाद बैठक स्थगित कर दी गयी.
जनता की मांगें पूरी नहीं होती, जनता हमसे जवाब मांगती है: जिप अध्यक्ष लालमुनी पुरती ने अफसरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बैठक स्थगित होने की घोषणा की. इसके बाद नाराज जिप सदस्यों ने जिला परिषद सचिव के खिलाफ नारेबाजी की. जिला परिषद सचिव को हटाने की मांग की. सदस्यों ने कहा कि उन्हें जनता के बीच रहना पड़ता है. जनता उनसे जवाब मांगती है. जिप सदस्य राजेश पिंगुवा, शंभु हाजरा ने बाहर जमकर विरोध किया. जिप उपाध्यक्ष चांदमनी बालमुचू ने सदस्यों की मांग का समर्थन किया. मौके पर विभिन्न प्रखंडों के जिला परिषद सदस्य व प्रखंड प्रमुख, डीडीसी सीपी कश्यप आदि उपस्थित थे.
डेढ़ साल में मात्र 200 प्रस्तावों पर सुनवाई, नहीं चलने देंगे सदन: जिप सदस्यों ने पूर्व में हुए निर्णयों पर अमल होने तक सभी तरह की बैठक स्थगित रखने की मांग जिप अध्यक्ष से की. जिप सदस्यों का कहना था कि बीते साल फरवरी से अब तक लगभग एक हजार प्रस्ताव आये होंगे. अब तक मात्र 200 प्रस्तावों पर सुनवाई हुई है. पूर्व में लिए गये निर्णय को पूर्ण किये बिना, सदन नहीं चलने देंगे.
नाराजगी की मुख्य वजह
योजनाओं की जानकारी समय पर नहीं दी जाती
योजनाओं के संबंध में समय पर कागजात नहीं दिये जाते
स्थायी समितियों की बैठक लगातार नहीं होती
बैठक में अधिकांश अफसर अनुपस्थित रहते हैं
अनुपस्थित अफसरों पर अनुशंसा के बावजूद नहीं होती कार्रवाई
वित्त विभाग और पंचायती राज विभाग का नियम लागू नहीं होता
सदस्यों के सवालों का जवाब जिप सचिव नहीं देते हैं
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