हथियारों से लैस ग्रामीणों ने जराइकेला थाना को घेरा

Updated at : 30 Jul 2017 5:50 AM (IST)
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हथियारों से लैस ग्रामीणों ने जराइकेला थाना को घेरा

मकरंड़ा. क्रशर प्लांट का दो राज्यों के लोगों ने किया विरोध थाना प्रभारी ने समझा-बुझाकर ग्रामीणों को लौटाया मनोहरपुर : मनोहरपुर के जराईकेला थानांतर्गत मकरंडा गांव के कुसुमडीह स्थित पहाड़ी टुंगरी में पत्थर खदान खोले जाने का मकरंडा समेत आसपास के अन्य गांवों के ग्रामीणों ने विरोध किया है. इसे लेकर शनिवार को सैकड़ों ग्रामीणों […]

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मकरंड़ा. क्रशर प्लांट का दो राज्यों के लोगों ने किया विरोध

थाना प्रभारी ने समझा-बुझाकर ग्रामीणों को लौटाया
मनोहरपुर : मनोहरपुर के जराईकेला थानांतर्गत मकरंडा गांव के कुसुमडीह स्थित पहाड़ी टुंगरी में पत्थर खदान खोले जाने का मकरंडा समेत आसपास के अन्य गांवों के ग्रामीणों ने विरोध किया है. इसे लेकर शनिवार को सैकड़ों ग्रामीणों नेे पारंपरिक हथियार लाठी-डंडे से लैस होकर जराइकेला थाने का घेराव किया. इस पर थाना प्रभारी मो आजाद खां ने नाराज ग्रामीणों से बातचीत की और समझा-बुझाकर उन्हें लौटा दिया. इस दौरान ग्रामीणों ने अंचलाधिकारी के नाम पर ज्ञापन सौंप कर वापस हो गये.
थाना प्रभारी श्री खां ने मामले पर ग्रामीणों से संवैधानिक प्रक्रिया के तहत जाने का सुझाव दिया. कहा कि प्रावधान के तहत अपना विरोध प्रशासन व सरकार के समक्ष रखे. घेराव करने वाले आये ग्रामीणों में तुलसी महतो, बुधु ओरांव, बिलकन चेरोवा, सुखराम चेरोवा, सीता ओरांव, सोमारी ओरांव, पिंकी चेरोवा, एतवारी ओरांव समेत मकरंडा, कुसुमडीह, हूरदा टोली, झरिया टोली, सागजुड़ी, नवाडीह, ओडिशा के जमाल, आरोसाई आदि गांवों के करीब डेढ़-दो सौ ग्रामीण शामिल थे
ओड़िशा के लोगों का विरोध समझ से परे : प्रस्तावित स्थल जिसकी अनुमति मिली है, वह पूरी तरह से झारखंड राज्य का हिस्सा है. दूसरी ओर विरोध करनेवालों में ओड़िशा के भी ग्रामीण शामिल थे. ओड़िशा के सीमावर्ती गांवों के ग्रामीणों का कहना है कि प्रस्तावित खदान क्षेत्र का हिस्सा ओड़िशा में भी आता है, जबकि प्रशासन का दावा है कि प्रस्तावित क्षेत्र में ओड़िशा की एक इंच जमीन भी वहां नहीं है. ऐसे में ओड़िशा के लोगों का विरोध समझ से परे है. इधर, प्रशासन ने आशंका व्यक्त की है कि विरोध के पीछे कतिपय पत्थर माफियाओं के हाथ हो सकता है.
क्या है मामला
जानकारी के मुताबिक प्रस्तावित स्थल पर पत्थर खनन की अनुमति राज्य सरकार की ओर से नारायणी संस प्रालि. को दी गयी है. इसे लेकर 2010 में एक ग्रामसभा का आयोजन प्रशासन की ओर से किया गया था. इधर, 21 जुलाई को प्रस्तावित भूमि की मापी करने के दौरान अंचलकर्मी के साथ दुर्व्यवहार करते हुए ग्रामीणों द्वारा ग्राम मुंडा अर्जुन सिंह भूमिज के साथ मारपीट करने की बात भी सामने आयी थी. इस बावत मुंडा के फर्द बयान पर जराइकेला थाना में आधा दर्जन लोगों के खिलाफ 107 के तहत मामला भी दर्ज है.
क्या कहते हैं अंचलाधिकारी
पत्थर खदान के प्रस्तावित क्षेत्र में हमारे राज्य में है. ओडिशा की एक इंच भी जमीन नहीं पड़ता है. इसमें किसी प्रकार से संदेह नहीं है. बावजूद ओड़िशा के लोगों को संदेह है तो वे ओड़िशा के प्रशासन से मापी करवा सकते हैं.
कुशलमय केनेथ मुंडू, सीओ, मनोहरपुर
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