मांगें नहीं मानी गयी, तो करेंगे चरणबद्ध आंदोलन
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 01 Jun 2026 9:27 PM
10 सूत्री मांगों को लेकर प्रज्ञा केंद्र संचालकों का महाधरना
सिमडेगा. झारखंड प्रदेश डिजिटल पंचायत सचिवालय प्रज्ञा केंद्र संचालक संघ के बैनर तले सोमवार को डॉ आंबेडकर चौक में एक दिवसीय महाधरना आयोजित किया गया. जिलाध्यक्ष शिशिर टोप्पो के नेतृत्व में जिले के सभी प्रखंडों से बड़ी संख्या में प्रज्ञा केंद्र संचालक धरना में शामिल हुए. धरना के दौरान संचालकों ने अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर आवाज बुलंद की. उनका आरोप है कि कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) द्वारा उन्हें मात्र 2,475 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है, जबकि झारखंड सरकार के पंचायती राज विभाग की ओर से वीएलइ (विलेज लेवल एंटरप्रेन्योर) व्यय मद में 7,550 रुपये सीएससी को उपलब्ध कराये जाते हैं. संचालकों ने यह भी आरोप लगाया कि जाति, आवासीय व आय प्रमाण पत्र की प्रत्येक एंट्री पर 10 रुपये की कटौती की जा रही है. इसके अलावा पिछले दो वर्षों से रिम पेपर और प्रिंटर इंक जैसी आवश्यक सामग्री भी उपलब्ध नहीं करायी गयी है. धरना के बाद संघ के प्रतिनिधिमंडल ने अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) सुमंत तिर्की को मांग पत्र सौंपा. एसडीओ ने आश्वासन दिया कि मांगों के संबंध में उच्च अधिकारियों से वार्ता कर समाधान निकालने का प्रयास किया जायेगा. प्रदेश अध्यक्ष शिशिर टोप्पो ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल नहीं हुई, तो संघ चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगा. उन्होंने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर झारखंड से सीएससी व्यवस्था को हटाने के लिए भी आंदोलन किया जायेगा. उन्होंने बताया कि एक जून से पूरे प्रदेश के प्रज्ञा केंद्र कर्मी डिजिटल हड़ताल पर हैं. हड़ताल के दौरान वे दैनिक हाजिरी भी दर्ज नहीं करेंगे.
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