ईश्वर के स्वरूप को समझने की जरूरत : स्वामी गंगाधर

Updated at : 07 Oct 2017 11:36 AM (IST)
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ईश्वर के स्वरूप को समझने की जरूरत : स्वामी गंगाधर

सिमडेगा : पाकरटांड़ प्रखंड के अंधरीखम्हन में संतमत सत्संग समिति के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय सत्संग कार्यक्रम के दूसरे दिन हरिद्वार से आये स्वामी गंगाधर जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि ईश्वर के स्वरूप को समझने की जरूरत है. बहुत कम लोग ही ईश्वर के स्वरूप को समझ पाते हैं. हमें भक्ति […]

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सिमडेगा : पाकरटांड़ प्रखंड के अंधरीखम्हन में संतमत सत्संग समिति के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय सत्संग कार्यक्रम के दूसरे दिन हरिद्वार से आये स्वामी गंगाधर जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि ईश्वर के स्वरूप को समझने की जरूरत है. बहुत कम लोग ही ईश्वर के स्वरूप को समझ पाते हैं. हमें भक्ति भाव से ईश्वर को समझना होगा तथा प्रार्थना करनी होगी. स्वामी संजीवानंद महाराज ने कहा कि ईश्वर सर्वत्र हैं .
वह व्यक्त एवं अव्यक्त रूप से सभी में समाये हुए हैं. उन्होंने कहा कि मनुष्य को उसके कर्म के अनुसार ही सुख व दुख की प्राप्ति होती है. मनुष्य को शुभ कर्म ही करना चाहिए. बुरा कर्म का फल दुख होता है. सुख पाने के लिए ईश्वर की भक्ति जरूरी है. आज के कार्यक्रम में मुख्य रूप से विधायक विमला प्रधान व उपायुक्त मंजुनाथ भजंत्री के अलावा कृष्णानंद बाबा,परशुराम सिंह, कुलदीप सिंह, रामजीत गोप के अलावा काफी संख्या में लोग उपस्थित थे.
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