सरायकेला. गम्हरिया प्रखंड के प्रस्तावित स्वामी विवेकानंद उच्च विद्यालय, कोलाबिरा परिसर में सिंहदिशोम देश परगना फकीर मोहन टुडू की अध्यक्षता में बैठक हुई. बैठक में राज्य सरकार की ओर से जारी पेसा नियमावली पर विस्तार से चर्चा हुई. इस दौरान आदिवासी समुदाय से जुड़े विभिन्न प्रतिनिधि, बुद्धिजीवी और सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे. बैठक में परगना फकीर मोहन टुडू ने कहा कि वर्तमान पेसा नियमावली आदिवासी परंपरा और स्वशासन व्यवस्था के अनुरूप नहीं है. इसमें झारखंड पंचायत राज अधिनियम (जेपीआरए) 2001 के अधिकतर प्रावधानों को थोपा गया है. प्रतिनिधियों ने कहा कि सरकार पारंपरिक ग्राम प्रधानों के अधिकारों में कटौती कर उन्हें औपचारिक रूप से सीमित करने का प्रयास कर रही है. बैठक में निर्णय लिया गया कि पेसा नियमावली के विरोध की रूपरेखा तैयार करेंगे और इसके खिलाफ जल्द व्यापक आंदोलन की रणनीति बनायी जायेगी. बैठक में सिंह दिशोम देश परगना फकीर मोहन टुडू, दुगनी पिंड परगना दिवाकर सोरेन, बृहस्पति सिंह सरदार, राष्ट्रीय कोल सेना अध्यक्ष विष्णु बानरा, पूर्व मुखिया सह आदिवासी हो महासभा अध्यक्ष गणेश गगराई, खरसावां पीड़ के मानकी दोलू सिंह सरदार, बाबा कमल किशोर हांसदा, चारडीहा माझी बाबा सालखान मुर्मू, पीड़ कारजी सह घाट परगना बाबा लखीराम हांसदा, हतु मुंडा, बोसेन मुंडा, सुकलाल किस्कु, बबलू मुर्मू, नूना राम हांसदा, गांव गणराज्य अध्यक्ष बलराम सरदार सहित कई ग्राम प्रतिनिधि व ग्रामीण मौजूद रहे.
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