सरायकेला में 24 घंटे में सर्पदंश के 10 मरीज पहुंचे सदर अस्पताल

Author Sachindra Das|Edited by Priya Gupta
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सरायकेला. 24 घंटे में सर्पदंश के 10 मरीज पहुंचे सदर अस्पताल

सरायकेला का सदर अस्पताल | Prabhat Khabar Network

सरायकेला जिले में बारिश के साथ ही सर्पदंश की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं. पिछले 24 घंटों में 10 मरीजों को अस्पताल लाया गया, जिनमें से सभी की जान बचा ली गई. जून माह में 67 मामले दर्ज किए गए, और पिछले 3.5 वर्षों में कुल 941 मामले सामने आए हैं.

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सरायकेला जिले में बरसात के साथ सर्पदंश की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं. पिछले 24 घंटे में सर्पदंश के शिकार 10 मरीजों को इलाज के लिए सदर अस्पताल सरायकेला लाया गया. समय पर एंटी-स्नेक वेनम दिए जाने के कारण सभी की जान बचा ली गई और उनकी स्थिति अब सामान्य है.

अकेले जून माह में 67 हुए भर्ती

सदर अस्पताल सरायकेला के आंकड़ों के अनुसार अकेले जून माह में ही सर्पदंश के शिकार 67 मरीजों को सदर अस्पताल के इनडोर वार्ड में भर्ती किया गया है. चिकित्सकों के उपचार के बाद सभी मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं.

3.5 वर्षों में दर्ज किए गए 941 मामले

सदर अस्पताल के पिछले साढ़े तीन वर्षों के रिकॉर्ड पर नजर डालें तो स्थिति और गंभीर दिखती है. जनवरी 2023 से दिसंबर 2025 तक तीन वर्षों में सर्पदंश के शिकार 779 मरीजों को अस्पताल लाकर उपचार किया गया. वहीं जनवरी 2026 से जून 2026 तक मात्र 6 महीने में ही 162 लोगों को सर्पदंश के कारण सदर अस्पताल में भर्ती करना पड़ा,जहां चिकित्सकों द्वारा एंटी स्नेक वेनम देकर सभी का उपचार किया गया.इस तरह जनवरी 2023 से जून 2026 तक कुल 941 सर्पदंश के मामले सदर अस्पताल में दर्ज किए गए.

झाड़ फूंक और अंधविश्वास से बचें

सिविल सर्जन डॉ सरयू प्रसाद सिंह ने आम जनता से अपील की है कि सर्पदंश की घटना होने पर घबराएं नहीं और झाड़-फूंक व अंधविश्वास में पड़कर समय बर्बाद न करें. पीड़ित को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या सदर अस्पताल पहुंचाएं. काटे गए स्थान को ज्यादा न हिलाएं और मरीज को शांत रखें. अस्पताल में सर्पदंश के उपचार के लिए एंटी-स्नेक वेनम और अन्य आवश्यक दवाओं का स्टॉक उपलब्ध है.

जिला अस्पताल से लेकर सभी पीएचसी में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध

सिविल सर्जन ने बताया कि जिले के सदर अस्पताल से लेकर सभी पीएचसी और सीएचसी को भी अलर्ट पर रखा गया है.सभी जगहों पर एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध करा दिया गया है.आशा और एएनएम को गांव स्तर पर लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं. बरसात में सावधानी बरतने और समय पर उपचार से सर्पदंश से होने वाली मौतों को रोका जा सकता है.

बारिश की पानी से बचने के लिए घरों में घुसते हैं सांप - राजा बारीक

सरायकेला के स्नेक कैचर (सर्प मित्र) राजा बारीक ने बताया कि बरसात के मौसम में खेतों, झाड़ियों और घरों के आसपास पानी भर जाने के कारण सांप अपने बिल से बाहर निकल आते हैं और रिहायशी इलाकों में आ जाते हैं.कहा कि रात में अंधेरे में निकलने और नंगे पैर चलने से सांप के काटे जाने की घटनाएं बढ़ जाती हैं.उन्होंने लोगों से अपने घरों में पर्याप्त सफाई रखने तथा रात के समय सोने से पूर्व अपने बेड की अच्छी तरह साफ सफाई करने की बात कही.उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में रात के समय जमीन पर न सोने की अपील की है.

कब कितने मिले मामले?

वर्ष 2023

माहमामले
जनवरी1
फरवरी4
मार्च7
अप्रैल8
मई1
जून31
जुलाई45
अगस्त28
सितंबर31
अक्टूबर29
नवंबर12
दिसंबर4
कुल201

वर्ष 2024

माहवर्ष 2024
जनवरी1
फरवरी3
मार्च13
अप्रैल11
मई27
जून43
जुलाई40
अगस्त34
सितंबर29
अक्टूबर19
नवंबर18
दिसंबर8
कुल246

वर्ष 2025

माहवर्ष 2025
जनवरी4
फरवरी9
मार्च16
अप्रैल24
मई46
जून60
जुलाई48
अगस्त31
सितंबर27
अक्टूबर25
नवंबर34
दिसंबर8
कुल332

वर्ष 2026

माहवर्ष 2026
जनवरी5
फरवरी6
मार्च16
अप्रैल20
मई48
जून67
कुल162


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