Seraikela Kharsawan News : पांच वर्षों में 6689 यूनिट रक्त संग्रह, 49 संक्रमित
Published by : ATUL PATHAK Updated At : 28 Oct 2025 10:45 PM
प्रभारी सीएस और सदर अस्पताल के उपाधीक्षक ने ब्लड बैंक का निरीक्षण किया
सरायकेला.
पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा में छह बच्चों को एचआइवी पॉजिटिव रक्त चढ़ाने के मामला आते ही जिला स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है. प्रभारी सिविल सर्जन डॉ जुझार मांझी व सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ नुकुल चौधरी ने सदर अस्पताल के ब्लड बैंक का निरीक्षण किया. उन्होंने ब्लड बैंक की साफ-सफाई के साथ कर्मियों से रक्त से संबंधित जानकारी ली. प्रभारी सीएस ने रक्त संग्रह के पश्चात होने वाली जांच के बारे में जानकारी हासिल की. गहनता से जांच के पश्चात रक्त का संग्रह का निर्देश दिया. इस दौरान पता चला कि बीते पांच वर्षों में 6689 यूनिट रक्त संग्रह किये गये. इनमें 49 यूनिट संक्रमित पाया गया. छह यूनिट रक्त एचआइवी संक्रमित मिला. सभी को डिस्कार्ड किया गया.मार्च, 2020 से सरायकेला में चल रहा ब्लड बैंक :
विगत पांच (वर्ष 2020 के मार्च से) में सरायकेला सदर अस्पताल परिसर में ब्लड बैंक संचालित किया जा रहा है. अबतक ब्लड बैंक में विभिन्न रक्तदान शिविर के माध्यम से 6689 यूनिट रक्त का संग्रह किया जा चुका है. अस्पताल में इलाजरत मरीजों को खून की आवश्यकता पड़ने पर ब्लड बैंक से उपलब्ध कराया जाता है.संग्रहित खून को एक सप्ताह के अंदर जांच की जाती है :
डॉ नकुल प्रसाद चौधरी ने बताया कि रक्तदान शिविर में संग्रह रक्त को ब्लड बैंक लाया जाता है. यहां टेक्नीशियन एक सप्ताह के अंदर सभी रक्त की जांच करते हैं. इसके उपरांत रक्त मरीजों को दिया जाता है. उन्होंने बताया कि रक्त जांच के दौरान अबतक 49 यूनिट रक्त को संक्रमित पाया गया है. इसमें 6 यूनिट रक्त एचआइवी पॉजिटिव पाये गये, बाकी के रक्त में वीडीआरएल व अन्य बीमारियों के संक्रमण पाये गये हैं. उन्होंने बताया कि सभी संक्रमित रक्त को डिस्कार्ड किया जा चुका है.
ब्लड बैंक में नहीं है काउंसलर :
डॉ चौधरी ने बताया कि सरायकेला के ब्लड बैंक में मैन पावर की बहुत कमी है. ब्लड बैंक में सबसे जरूरी काउंसलर का पद खाली है. रक्तदान से पूर्व काउंसलर की ओर से रक्तदाता का एक फॉर्म भरा जाता है. यह फॉर्म पूरी तरह से गोपनीय होता है. फॉर्म में रक्तदाता को 50 से 60 प्रश्नों का उत्तर देना होता है. ये प्रश्न के उत्तर ही रक्तदाता के स्वस्थ या फिर संक्रमित होने की पहचान देते हैं.
मरीजों को खून देने से पहले होती है पांच प्रकार की जांच
डॉ नकुल प्रसाद चौधरी ने बताया कि सरकारी निर्देश के अनुसार ब्लड बैंक में संग्रहित रक्त की पांच तरह की जांच होती है. इसके तहत ब्लड ग्रुप, एचआइवी, वीडीआरएल (सिप्लिज बीमारी की जांच), मलेरिया, हेपेटाइटिस बी व सी की जांच की जाती है. जांच में सभी रक्त के सही पाए जाने पर ब्लड बैंक में स्टोर किया जाता है. जब कोई रक्त संक्रमित पाया जाता है, तो तुरंत आदित्यपुर वेस्ट मैनेजमेंट में भेजकर डिस्कार्ड कर दिया जाता है. डॉ चौधरी ने बताया की सरकार से निर्देशित सभी जांच की सुविधा सरायकेला के ब्लड बैंक में उपलब्ध है.वर्षवार संग्रह रक्त
वर्ष
यूनिट
2020 2272021 1311
2022 12622023 1096
2024 14702025 1323
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










