Seraikela Kharsawan News : आंवला वृक्ष की पूजा कर सुख-समृद्धि की कामना
Published by : ATUL PATHAK Updated At : 30 Oct 2025 10:47 PM
खरसावां. महिलाओं ने विधि-विधान से आंवला नवमी के व्रत का पारण किया
खरसावां. सरायकेला-खरसावां में गुरुवार को पूरे विधि-विधान से आंवला नवमी के व्रत का पारण किया गया. परिवार की सुख समृद्धि के लिए आंवला नवमी पर महिलाओं ने आंवला वृक्ष की परिक्रमा कर पूजा-अर्चना की. आंवला वृक्ष के नीचे पकवानों का भोग लगाया. उन्हीं पकवानों से पारण किया. मालूम हो की कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष नवमी को आंवला नवमी के रूप में मनायी जाती है. इस दिन आंवला वृक्ष की पूजा का विशेष महत्व है. स्नान कराने के बाद पेड़ पर कच्चा दूध, हल्दी, रौली लगाया जाता है. पेड़ की परिक्रमा कर व्रती मौली बांधी गयी. आंवला के पेड़ पर दूध अर्पित कर सिंदूर, चंदन से तिलक कर शृंगार का सामान चढ़ाया गया.
हिंदू धर्म में आंवला नवमी का विशेष महत्व :
मान्यता है कि अक्षय नवमी पर मां लक्ष्मी पृथ्वी लोक में भगवान विष्णु व शिव की पूजा आंवले के रूप में करती हैं. इसी पेड़ के नीचे बैठकर भोजन ग्रहण किया जाता है. कहा जाता है कि आंवले के पेड़ के नीचे श्री हरि का दामोदर स्वरूप होता है. हिंदू धर्म में आंवला नवमी का विशेष महत्व है. मान्यता है कि आंवला नवमी के दिन दान करने से पुण्य प्राप्त होता है. शास्त्रों के अनुसार, आंवला नवमी के दिन आंवला वृक्ष की पूजा करने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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