चांडिल. चांडिल अनुमंडल कार्यालय सभागार में शुक्रवार को अनुमंडल पदाधिकारी विकास राय की अध्यक्षता में आपदा प्रबंधन की बैठक हुई. बैठक में एसडीओ ने सुवर्णरेखा विभाग के कर्मचारियों को बताया कि मानसून शुरू होने से पहले ही चांडिल डैम की पानी की निकासी की व्यवस्था करें. जिससे किसी प्रकार की आपदा संबंधित समस्या उत्पन्न ना हो.
चांडिल डैम का जलस्तर एक निश्चित सीमा में रखे:
उन्होंने सुवर्णरेखा विभाग के कर्मचारियों को निर्देश दिया कि चांडिल डैम के ऊपरी भाग ईचागढ़, कुकड़ू, नीमडीह व प्रखंड क्षेत्र के गांवों में पानी नहीं घुसे. डैम में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न ना हो. कपाली के घरों में बाढ़ की पानी नहीं घुसे, जिसके लिए चांडिल डैम के जलस्तर को एक निश्चित सीमा में रखें.नदी किनारे गांवों में माइकिंग की व्यवस्था करें:
एसडीओ ने अनुमंडल क्षेत्र के सभी बीडीओ, सीओ, थाना प्रभारी को निर्देश दिया कि नदी के किनारे जितने भी गांव हैं, वहां माइकिंग की व्यवस्था करें. बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित जगह पंचायत भवन व विद्यालय पहुंचाएं. पंचायत भवन में पीने के लिए स्वच्छ पानी और बिस्कुट की व्यवस्था रखें. एसडीओ ने चांडिल डैम के मत्स्य जीवी स्वावलंबी समितियों को निर्देश दिया कि बारिश से पहले ही अपने नाव को ईचागढ़, कुकड़ू, नीमडीह व चांडिल के विस्थापित क्षेत्रों में रखें. इससे बाढ़ की स्थिति में रेस्क्यू में सहूलियत होगी. इस अवसर पर जिप उपाध्यक्ष मधुश्री महतो, चारों प्रखंड के बीडीओ, सीओ. आपदा प्रबंधन समिति के सदस्य उपस्थित थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

