खरसावां रथयात्रा में ओडिशा की संस्कृति का होगा भव्य संगम

घंटा नृत्य संगीत पेश करते ओडिशा के कलाकार (फाइल फोटो) | Prabhat Khabar Network
खरसावां राजकीय रथयात्रा में ओडिशा की समृद्ध संस्कृति और कला का भव्य प्रदर्शन होगा। सात सांस्कृतिक दल अपनी प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध करेंगे।
खरसावां. ऐतिहासिक खरसावां राजकीय रथयात्रा इस वर्ष केवल धार्मिक आस्था का ही नहीं, बल्कि ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का भी भव्य मंच बनेगी. झारखंड के ओड़िया भाषा, साहित्य एवं संस्कृति विभाग तथा ओडिशा सरकार के सहयोग से रथयात्रा से लेकर बहुड़ा यात्रा तक सात प्रतिष्ठित सांस्कृतिक दल अपनी आकर्षक प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध करेंगे. पारंपरिक नृत्य, संगीत और भक्ति कार्यक्रमों के माध्यम से भगवान जगन्नाथ की महिमा के साथ ओडिशा की लोक एवं शास्त्रीय संस्कृति की अनुपम छटा देखने को मिलेगी.
रथ यात्रा के दिन आकर्षण का केंद्र होगा हेरिटेज आर्ट एंड कल्चर सेंटर, रघुराजपुर का गोटीपुओ नृत्य
16 जुलाई को गुंडिचा यात्रा के अवसर पर चंद्रपुर स्थित हेरिटेज आर्ट एंड कल्चर सेंटर के कलाकार पारंपरिक घंटा नृत्य-संगीत की प्रस्तुति देंगे. वहीं पुरी के विश्वप्रसिद्ध हेरिटेज विलेज रघुराजपुर से आने वाले अद्वितीय सुंदर गोटीपुआ नृत्य परिषद के कलाकार अपनी मनोहारी गोटीपुआ नृत्य शैली से श्रद्धालुओं का मन मोह लेंगे. हेरिटेज विलेज रघुराजपुर (ओडिशा) से आने वाली अभिन्न सुंदर गोटीपुओ नृत्य परिषद प्राचीन पारंपरिक गोटीपुओ कला को जीवित रखने का कार्य कर रही है. गोटीपुओ नृत्य, शास्त्रीय ओडिशी नृत्य का पूर्ववर्ती रूप माना जाता है. यह ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का एक अनूठा हिस्सा है. इस नृत्य में कम उम्र के युवा लड़के महिलाओं के पारंपरिक वस्त्र, आभूषण और श्रृंगार करके भगवान जगन्नाथ की स्तुति में नृत्य करते हैं.

रथ यात्रा से लेकर बाहुड़ा यात्रा तक होगा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन
17 जुलाई को मौसीबाड़ी स्थित काली मंदिर सामुदायिक भवन में ओएनएस इवेंट्स, पुरी की ओर से ओड़िया भजन संध्या का आयोजन होगा. 19 जुलाई को भुवनेश्वर की नृत्य प्रतिभा संस्था के कलाकार ओडिशि नृत्य की प्रस्तुति देंगे. 21 जुलाई को रॉयल म्यूजिक एकेडमी, भुवनेश्वर-खुर्दा की ओर से भजन संध्या आयोजित होगी.
बाहुड़ा यात्रा पर होगी ओडिशी नृत्य की भव्य प्रस्तुति
24 जुलाई को बहुड़ा यात्रा के अवसर पर श्रद्धा क्रिएटिव आर्ट्स, बालेश्वर के कलाकार ओडिशी नृत्य प्रस्तुत करेंगे. इसके बाद पुरी के प्रधान इवेंट के कलाकार समागरा साहीजात एवं घंटावाद्य की पारंपरिक प्रस्तुति देकर रथयात्रा महोत्सव को सांस्कृतिक भव्यता के साथ संपन्न करेंगे.

भगवान जगन्नाथ की गौरवशाली परंपरा को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर
आयोजन समिति के अनुसार इन सांस्कृतिक कार्यक्रमों का उद्देश्य भगवान जगन्नाथ की गौरवशाली परंपरा को जन-जन तक पहुंचाना तथा झारखंड और ओडिशा के बीच सांस्कृतिक संबंधों को और अधिक मजबूत करना है. रथयात्रा के दौरान हजारों श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय कला प्रेमियों को भी ओडिशा की विविध लोक एवं शास्त्रीय कला विधाओं का सजीव दर्शन करने का अवसर मिलेगा.
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लेखक के बारे में
By Sachindra Dash
शचिंद्र कुमार दाश प्रभात खबर के वरीय संवाददाता हैं और हिंदी पत्रकारिता में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं। वे झारखंड और ओडिशा की राजनीति, प्रशासन, ग्रामीण विकास, सामाजिक सरोकार, कानून-व्यवस्था तथा जनहित से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग करते हैं। इसके साथ ही कला, भाषा, संस्कृति, आध्यात्म और समसामयिक विषयों पर लेखन में उनकी विशेष रुचि है। नई जानकारियां जुटाना और उन्हें प्रमाणिक तथ्यों के साथ पाठकों तक पहुंचाना उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषता है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, शिक्षा, खेल, पर्यावरण, साहित्य, संस्कृति से जुड़े विषयों को समेटती है। शचिंद्र कुमार दाश ग्राउंड रिपोर्टिंग पर विशेष जोर देते हैं। वे घटनास्थल पर पहुंचकर तथ्यों के आधार पर समाचार प्रस्तुत करने तथा आम लोगों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का प्रयास करते हैं।
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