इस शिव मंदिर में पूरी होती है भक्तों की मनोकामनाएं, सावन में उमड़ते हैं श्रद्धालु

Updated:
विज्ञापन

खरसावां के रामगढ़ शिव मंदिर में पूजा करते श्रद्धालु.

खरसावां के रामगढ़ शिव मंदिर में सावन के दौरान भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है. स्वयंभू शिवलिंग और नंदी प्रतिमा के प्रति लोगों की अटूट आस्था है.

विज्ञापन

खरसावां : खरसावां प्रखंड मुख्यालय से करीब दो किमी की दूरी पर स्थित छोटा सा गांव रामगढ़ अपने प्राचीन शिव मंदिर के लिए प्रसिद्ध है. यहां स्थित भगवान भोलेनाथ के मंदिर के प्रति आसपास के ग्रामीणों में गहरी आस्था और विश्वास है. मान्यता है कि मंदिर में सच्चे हृदय से मांगी गयी हर मन्नत पूरी होती है. मान्यता है कि यहां भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती है. यही कारण है कि साल भर मंदिर में श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है. सावन माह में भक्तों की संख्या काफी बढ़ जाती है.

सावन के हर सोमवार उमड़ती है भक्तों की भीड़

सावन के प्रत्येक सोमवार को सुबह से ही मंदिर में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगती है. भक्त सुबह से लेकर शाम तक पूजा-अर्चना एवं जलाभिषेक करते हैं. श्रद्धालु भगवान शिव को जल, दूध, बेलपत्र, फूल आदि अर्पित करने के साथ दीप जलाकर रुद्राभिषेक भी करते हैं. सावन में पूरा मंदिर परिसर भोलेनाथ के जयकारों से गूंजता रहता है.

स्वयंभू शिवलिंग है आस्था का केंद्र

स्थानीय लोगों के अनुसार रामगढ़ शिव मंदिर में स्वयंभू शिवलिंग स्थापित है. यहां वर्षों से नियमित रूप से पूजा-अर्चना होती आ रही है. मंदिर की स्थापना को लेकर ग्रामीण बताते हैं कि राज-रजवाड़े के समय से ही यहां भगवान शिव की पूजा होती रही है. समय के साथ मंदिर का स्वरूप बदलता गया और श्रद्धालुओं एवं ग्रामीणों के सहयोग से वर्तमान में यहां भव्य मंदिर का निर्माण किया गया है.

पाषाण की नंदी प्रतिमा आकर्षण का केंद्र

रामगढ़ शिव मंदिर के बाहर स्थापित पाषाण की नंदी महाराज की प्रतिमा भी श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र है. मंदिर में पूजा-अर्चना करने आने वाले भक्त नंदी महाराज की प्रतिमा पर जलाभिषेक करना नहीं भूलते. मान्यता है कि भगवान शिव के दर्शन और पूजा से पहले नंदी महाराज का पूजन करने से श्रद्धालुओं को विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है. स्थानीय लोगों में मंदिर के प्रति अटूट श्रद्धा और विश्वास है. श्रद्धालुओं का कहना है कि सच्चे मन से भगवान भोलेनाथ की आराधना करने वालों की मनोकामना अवश्य पूरी होती है. इसी विश्वास के साथ दूर-दराज से भी भक्त यहां पहुंचते हैं. सावन के दौरान मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के कारण माहौल पूरी तरह भक्तिमय बना रहता है.

खरसावां. रामगढ़ शिव मंदिर के बाहर पाषाण का नंदी महाराज | Prabhat Khabar Network
रामगढ़ शिव मंदिर के बाहर पाषाण के नंदी महाराज.


विज्ञापन
शचिंद्र कुमार दाश

लेखक के बारे में

By शचिंद्र कुमार दाश

शचिंद्र कुमार दाश प्रभात खबर के वरीय संवाददाता हैं और हिंदी पत्रकारिता में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं। वे झारखंड और ओडिशा की राजनीति, प्रशासन, ग्रामीण विकास, सामाजिक सरोकार, कानून-व्यवस्था तथा जनहित से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग करते हैं। इसके साथ ही कला, भाषा, संस्कृति, आध्यात्म और समसामयिक विषयों पर लेखन में उनकी विशेष रुचि है। नई जानकारियां जुटाना और उन्हें प्रमाणिक तथ्यों के साथ पाठकों तक पहुंचाना उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषता है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, शिक्षा, खेल, पर्यावरण, साहित्य, संस्कृति से जुड़े विषयों को समेटती है। शचिंद्र कुमार दाश ग्राउंड रिपोर्टिंग पर विशेष जोर देते हैं। वे घटनास्थल पर पहुंचकर तथ्यों के आधार पर समाचार प्रस्तुत करने तथा आम लोगों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का प्रयास करते हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola