Seraikela Kharsawan News : एलाइजा जांच अनिवार्य, उपकरण की कमी से रक्त वितरण रुका

अक्तूबर 2024 में नवीनीकरण के लिए आवेदन, अबतक नहीं मिला लाइसेंस
सरायकेला. सदर अस्पताल परिसर में संचालित ब्लड बैंक पिछले 10 महीनों से बिना लाइसेंस के संचालित हो रहा है. ब्लड बैंक का लाइसेंस जनवरी 2024 में समाप्त हो गया था. अक्तूबर 2024 में ब्लड बैंक की ओर से लाइसेंस नवीनीकरण के लिए आवेदन किया गया, लेकिन अब तक लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं हो सका है. अस्पताल प्रशासन को उम्मीद है कि जल्द ही ब्लड बैंक को नवीकृत लाइसेंस प्राप्त हो जायेगा.
ब्लड बैंक में एचआइवी की जांच एलाइजा से, बाकी जांच किट से की जा रही:
सरायकेला ब्लड बैंक में संग्रहित रक्त की जांच सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार पांच प्रकार से की जाती है. इनमें केवल एचआइवी की जांच ही एलाइजा तकनीक से की जाती है, जबकि अन्य जांच टेस्ट किट के माध्यम से की जा रही हैं. सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. नकुल चौधरी ने बताया कि सभी जांच एलाइजा तकनीक से कराने के लिए सरकार को पत्र भेजा गया है. उपकरण मिलने के बाद सभी प्रकार की जांच एलाइजा से की जायेंगी.फिलहाल मरीजों को नहीं मिल रहा रक्त:
डॉ. नकुल चौधरी ने बताया कि सरकार के नवीन निर्देश के अनुसार ब्लड बैंक में संग्रहित रक्त के सभी परीक्षण एलाइजा तकनीक से होना अनिवार्य है, तभी मरीजों को रक्त उपलब्ध कराया जा सकता है. उन्होंने कहा कि ब्लड बैंक की ओर से एलाइजा मशीन की मांग की गयी है. जब तक सभी जांच एलाइजा पद्धति से नहीं होतीं, तब तक मरीजों के लिए रक्त वितरण पर रोक लगायी गयी है.– उपाधीक्षक बोले- एलाइजा मशीन की मांग की गयी है, जल्द शुरू होगी जांच प्रक्रियाफोटो:सरायकेला का सदर अस्पताल.
-डॉ नकुल प्रसाद चौधरी
, उपाधीक्षक, सदर अस्पताल सरायकेलाडिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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