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डाॅ जीपी रजवार ने 'विलेज एडमिनिस्ट्रेशन इन दी कोल्हान' पुस्तक में समेटी कोल्हान के गांवों की पारंपरिक शासन व्यवस्था

Updated at : 05 Oct 2020 6:44 PM (IST)
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डाॅ जीपी रजवार ने 'विलेज एडमिनिस्ट्रेशन इन दी कोल्हान' पुस्तक में समेटी कोल्हान के गांवों की पारंपरिक शासन व्यवस्था

Jharkhand news, Saraikela news : काशी साहू कॉलेज, सरायकेला (Kashi Sahu College, Seraikela) के प्राचार्य डॉ गुरुपद रजवार (Principal Dr Gurupad Rajwar) ने अपनी किताब विलेज एडमिनिस्ट्रेशन इन दी कोल्हान (Village administration in the kolhan) में कोल्हान के गांवों की पारंपरिक शासन व्यवस्था को रेखांकित किया है. खरसावां स्थित आकर्षणी अतिथिगृह में केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने इस पुस्तक का विमोचन किया.

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Jharkhand news, Saraikela news : सरायकेला (शचींद्र कुमार दाश) : काशी साहू कॉलेज, सरायकेला (Kashi Sahu College, Seraikela) के प्राचार्य डॉ गुरुपद रजवार (Principal Dr Gurupad Rajwar) ने अपनी किताब विलेज एडमिनिस्ट्रेशन इन दी कोल्हान (Village administration in the kolhan) में कोल्हान के गांवों की पारंपरिक शासन व्यवस्था को रेखांकित किया है. खरसावां स्थित आकर्षणी अतिथिगृह में केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने इस पुस्तक का विमोचन किया.

अंग्रेजी में लिखी गयी इस पुस्तक का विमोचन करते हुए केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि कोल्हान का इतिहास प्राचीन काल से ही काफी गौरवपूर्ण रहा है. कोल्हान वीरता एवं पराक्रम की भूमि होने के साथ- साथ यहां संस्कृति, परंपरा एवं पारंपरिक व्यवस्था भी काफी मजबूत है.

उन्होंने कहा कि प्राचार्य डॉ गुरुपद रजवार ने अपनी पुस्तक विलेज एडमिनिस्ट्रेशन इन दी कोल्हान के माध्यम से कोल्हान के ग्रामीण क्षेत्र की पारंपरिक व्यवस्था को रेखांकित किया है. इससे देश- विदेश के लोग भी यहां की पारंपरिक व्यवस्था से अवगत होंगे.

पढ़ने- पढ़ाने में अधिक है रुचि

विलेज एडमिनिस्ट्रेशन इन दी कोल्हान पुस्तक के लेखक डॉ गुरुपद रजवार का जन्म सरायकेला- खरसावां जिला अंतर्गत चांडिल अनुमंडल के ईचागढ़ गांव में हुआ. वे वर्तमान में कोल्हान यूनिवर्सिटी के सीनियर प्रिंसिपल के रूप में केएस कॉलेज, सरायकेला में सेवारत हैं. इसके पूर्व चाईबासा के स्नातकोत्तर केंद्र में 1981 से 1994 तक राजनीति शास्त्र विषय के व्यख्याता रहें. उसके बाद बिहार विश्वविद्यालय सेवा आयोग द्वारा चयनित स्थायी प्राचार्य के रूप में डॉ रजवार 1994 में केएस कॉलेज सरायकेला, 2005 में टाटा कॉलेज चाईबासा, 2007 में सिंहभूम कॉलेज चांडिल में कार्य किया एवं 2018 से केएस कॉलेज में प्राचार्य के रूप में पुनः स्थायी प्राचार्य के रूप में कार्यरत हैं. डॉ राजवार इससे पूर्व भी 2018 में कंटेंपरेरी पोलिटिकल सोशियोलॉजी नामक एक अन्य पुस्तक लिख चुके हैं. पढ़ने- पढ़ाने के प्रति उनका झुकाव देखते ही बनता है.

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प्राचीन परंपरागत शासन व्यवस्था से रूबरू कराने का प्रयास है : डॉ रजवार

विलेज एडमिनिस्ट्रेशन इन दी कोल्हान पुस्तक के लेखक प्राचार्य डॉ गुरुपद रजवार ने कहा कि किताब के माध्यम से कोल्हान के प्राचीन परंपरागत शासन व्यवस्था को जीवंत रखने एवं देश- विदेश के लोगों को इससे रूबरू कराने का प्रयास किया गया है. कोल्हान का शासन व्यवस्था वर्तमान में भी पंचायती राज एवं पारंपरिक ग्रामीण शासन प्रणाली पर आधारित है. यह पारंपरिक शासन व्यवस्था मानकी, पड़हा राजा, पाहन, मुंडा, मांझी, डाकुआ, तहशीलदार आदि 7 पदों पर सुशोभित है और शासन व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए इसके अंतर्गत कई शाखाएं हैं. उन्होंने कहा कि इस विषय पर गहन अनुसंधान कर यह किताब लिखा गया है.

इस अवसर पर पूर्व मंत्री बड़कुंवर गागराई, पूर्व विधायक मंगल सिंह सोय, भाजपा के जिलाध्यक्ष विजय महतो, पूर्व जिलाध्यक्ष उदय प्रताप सिंहदेव, पूर्व प्रदेश मंत्री शैलेंद्र सिंह, भाजयुमो जिला महामंत्री अभिषेक आचार्या आदि उपस्थित थे.

Posted By : Samir Ranjan.

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