खरसावां.
खरसावां स्थित आकर्षणी शक्तिपीठ में सोमवार को बुरु मागे धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया. दियुरी नारायण सरदार ने अपने सहयोगियों के साथ लगभग 320 फीट ऊंची आकर्षणी पहाड़ी की चोटी पर स्थित माता के पीठ पर पारंपरिक विधि-विधान से बुरु मागे की पूजा संपन्न करायी. इस दौरान पूजा से संबंधित सभी रस्मों का विधिवत पालन किया गया. बुरु मागे अनुष्ठान में विधायक दशरथ गागराई व पूर्व विधायक मंगल सिंह सोय भी शामिल हुए. दोनों नेताओं ने मां आकर्षणी के शक्तिपीठ पर माथा टेककर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की.पूजा के बाद मागे नृत्य का आयोजन
आकर्षणी माता के शक्ति पीठ पर बुरु मागे के बाद दामा-दुमंग (मांदर-नगाड़ा) की थाप पर मागे नृत्य का भी आयोजन किया गया. विधायक दशरथ गागराई ने मांदर व नगाड़े पर थाप दिया. स्थानीय लोगों के साथ नृत्य किया. मांदर की थाप पर पारंपरिक मागे गीतों पर लय से लय मिलाते हुए नृत्य किया. नृत्य का सिलसिला देर शाम तक चला.कोल्हान के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे थे लोग बुरु पूजा में
कोल्हान के विभिन्न क्षेत्रों से लोग पहुंचे थे. विधायक दशरथ गागराई, पूर्व विधायक मंगल सिंह सोय, समाजसेवी बासंती गागराई, शिव शंकर हेंब्रम, रामजी सिंहदेव, मदन कुमार लकड़ा, सालेन सोय, नागेन सोय, रामलाल हेंब्रम, सविता मुंडारी, सुकराम हेंब्रम, मंगल हेंब्रम, अजय सामड़, जय सिंह सरदार, अगस्ती सरदार, विसन सरदार, दिनेश सरदार, बलराम सरदार, रबी सरदार समेत सैकड़ों लोग शामिल हुए.क्षेत्र की खुशहाली की कामना की गयी
कोल्हान के विभिन्न क्षेत्रों से लोगों द्वारा बुरु मागे में मां आकर्षणी से क्षेत्र की सुख शांति, समृद्धि की कामना की गयी. स्थानीय परंपरा के अनुसार, माता के पीठ पर विगत 10 जनवरी से पूजा-अर्चना बंद थी. अब बुरु पूजा के बाद श्रद्धालु यहां पहाड़ी के ऊपर स्थित माता के पीठ पर पहुंच कर पूजा-अर्चना कर सकेंगे. इसे लेकर लोगों में काफी उत्साह है.बुरु मागे हमारी समृद्ध-परंपरा व संस्कृति से जुड़ा है. अपनी परंपरा, संस्कृति को सहेज कर रखने की जरूरत है. मां आकर्षणी पीठ के विकास के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है, ताकि यहां पहुंचने वाले भक्तों को सहूलियत मिल सके. –दशरथ गागराई
, विधायक, खरसावां मां आकर्षणी के पीठ में में होने वाला बुरु मागे क्षेत्र की धरोहर है. हर वर्ष पारंपरिक रूप से इसका आयोजन होता है. श्रद्धालुओं को बुरु पूजा का सालभर से इंतजार रहता है. –मंगल सिंह सोय
, पूर्व विधायक, खरसावांमां आकर्षणी पीठ पर हर वर्ष पारंपरिक तरीके से बुरु पूजा का आयोजन होता है. बुरु पूजा के बाद एक-एक कर सभी धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन शुरू होता है. –नारायण सरदार
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