Jharkhand Mob Lynching : दो थानेदार निलंबित, 11 आरोपी गिरफ्तार, पत्नी ने कही ये बात
Updated at : 25 Jun 2019 8:12 AM (IST)
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18 जून को चोरी के आरोप में हुई थी पिटाई, 22 को मौत सरायकेला/रांची : सरायकेला मॉब लिंचिंग मामले में सोमवार को दो पुलिस अफसरों पर कार्रवाई हुई. खरसावां थाना प्रभारी चंद्रमणि उरांव व सीनी ओपी प्रभारी विपिन बिहारी सिंह को लापरवाही बरतने के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है. वहीं, तबरेज अंसारी की […]
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18 जून को चोरी के आरोप में हुई थी पिटाई, 22 को मौत
सरायकेला/रांची : सरायकेला मॉब लिंचिंग मामले में सोमवार को दो पुलिस अफसरों पर कार्रवाई हुई. खरसावां थाना प्रभारी चंद्रमणि उरांव व सीनी ओपी प्रभारी विपिन बिहारी सिंह को लापरवाही बरतने के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है.
वहीं, तबरेज अंसारी की पिटाई में शामिल प्रकाश मंडल उर्फ पप्पू मंडल, भीमसेन मंडल, प्रेमचंग महाली, कमल महतो, सोनामो प्रधान, सत्यनारायण नायक, सोनाराम महली,चामू नायक,मैदान नायक,महेश महली व सुमन्त महतो को गिरफ्तार किया गया है. सभी 11 आरोपी धातकीडीह के हैं.सरायकेला एसपी एस कार्तिक ने बताया कि मॉब लिंचिंग मामले की जांच के लिए एसआइटी गठित की गयी है.
वहीं उपायुक्त ने घटना की जांच के लिए सरायकेला एसडीओ, एसडीपीओ और सिविल सर्जन की तीन सदस्यीय टीम बनायी है. टीम को डीसी ने 48 घंटे में रिपोर्ट देने को कहा है. इस मामले में सरायकेला-खरसावां के डीसी ने गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव को रिपोर्ट भेजी है.
उधर, डीजीपी केएन चौबे ने भी मुख्यमंत्री को पूरे मामले से अवगत कराते हुए रिपोर्ट दी है.
वायरल वीडियो की होगी फारेंसिंक जांच
वायरल वीडियो, जिसमें तबरेज को धार्मिक नारा लगाते दिखाया जा रहा है. इस संबंध में डीजीपी ने कहा कि प्रथमदृष्टया यह सही प्रतीत नहीं होता. इसकी फारेंसिंक जांच करायी जायेगी, इसके बाद ही सत्यता का पता चलेगा.
इनसेट :
ग्रामीण और पुलिस आमने-सामने
मामले को लेकर सरायकेला एसपी कार्तिक एस ने बताया कि घटनाक्रम की जांच करायी गयी थी. कहीं से भी पुलिस की लापरवाही सामने नहीं आयी है.
पुलिस ने तबरेज की गिरफ्तारी के बाद सदर अस्पताल में इलाज के बाद एक्स-रे भी कराया था. मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर उसे जेल भेजा गया था. जबकि ग्रामीणों का कहना है कि रात दो बजे पुलिस को घटना की सूचना दी गयी. लेकिन पुलिस 18 जून की सुबह सात बजे गांव पहुंची. उन्होंने बताया, पुलिस ने रात में घटनास्थल पर आने की बजाय तबरेज को लेकर सीनी ओपी आने की बात कही.
धातकीडीह में पुलिस तैनात, गांव से सभी पुरुष फरार
धातकीडीह गांव में सन्नाटा पसरा है. गांव में एक भी पुरुष सदस्य नहीं हैं. पुलिस के डर से सभी भाग गये हैं. घरों में सिर्फ महिलाएं और बच्चे हैं.
गांव में जगह-जगह पुलिस तैनात है. एसडीओ और एसडीपीओ काे चौकसी बरतने का निर्देश दिया गया है. जबकि सीओ और पुलिस के अन्य अफसरों को कैंप करने को कहा गया है. अनहोनी की आशंका से भयभीत महिलाओं ने पुलिस पदाधिकारियों को फोन कर गांव में सुरक्षा देने का आग्रह किया था. एसपी ने जिले के सभी अल्पसंख्यक बहुल गांवों में सुरक्षा के दृष्टिकोण से सुरक्षा बल को तैनात करने का निर्देश दिया है.
एसआइटी का गठन
सरायकेला एसपी एस कार्तिक ने पत्रकारों को बताया कि मॉब लिंचिंग मामले की जांच के लिए एसडीपीओ अविनाश कुमार के नेतृत्व में एसआइटी का गठन किया गया है. टीम में आदित्यपुर थाना व आरआइटी थाना प्रभारी के अलावा सरायकेला थाना प्रभारी व खरसावां थाना प्रभारी को शामिल किया गया है.
राज्यसभा में उठा मामला
नयी दिल्ली : वरिष्ठ कांग्रेस नेता और राज्य सभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने सोमवार को सदन में झारखंड में मॉब लिंचिंग (भीड़ द्वारा हत्या) के मामले को उठाते हुए कहा कि झारखंड मॉब लिंचिंग और उत्पात का कारखाना बन गया है. हर हफ्ते वहां दलित और मुसलमान मारे जाते हैं.
प्रधानमंत्री जी ‘सबका साथ सबका विकास’ की लड़ाई में हम आपके साथ हैं, लेकिन लोगों को दिखाई देने के लिए इसका होना जरूरी है. यह हमें कहीं भी दिखाई नहीं दे रहा. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि आप न्यू इंडिया को अपने तक रखें और हमें हमारा पुराना भारत दें, जहां प्रेम, संस्कृति थी.
जब मुसलमान और दलित आहत होते थे, तो हिंदुओं को दर्द महसूस होता था. जब कोई चीज हिंदुओं को चोट पहुंचाती थी, तो मुस्लिम और दलित भी उनके लिए आंसू बहाते थे.
चोरी करने के दौरान ग्रामीणों के हाथ लगा था तबरेज
डीजीपी केएन चौबे ने पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि सरायकेला थाना क्षेत्र के कदमडीह गांव निवासी तबरेज अंसारी अपने दो साथियों नुमैर अली और शेख इरफान के साथ 17-18 जून की देर रात मुरमू गांव में चोरी की. इसके बाद तीनों धातकीडीह गांव पहुंचे. वहां कमल महतो के घर में रात ढाई बजे के करीब चोरी का प्रयास करने लगे. इस बीच घरवाले जाग गयेे और उन्होंने तबरेज को पकड़ लिया.
जबकि नुमैर अली और शेख इरफान भागने में सफल रहे. ग्रामीणों ने तबरेज की पिटाई की और सुबह पांच बजे थाना को इसकी सूचना दी. इसके बाद पुलिस धातकीडीह गांव पहुंची और तबरेज को बचाया. पुलिस ने मौके से चोरी की बाइक, मोबाइल और बटुआ भी बरामद की.
इसके बाद धातकडीह के ग्रामीणों की शिकायत पर तबरेज अंसारी, नुमैर अली और शेख इरफान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी. तबरेज को इलाज के लिए सरायकेला सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया. इलाज के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया.
22 जून को जेल में तबरेज अंसारी बीमार हो गया. उसे सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया. सरायकेला डीसी की रिपोर्ट के अनुसार, तबरेज की मौत के बाद उसके परिजनों की शिकायत पर पप्पू मंडल व अन्य के खिलाफ मॉब लिंचिंग एवं धार्मिक नारा लगाने के लिए दबाव बनाने की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गयी.
मेरे शौहर बेकसूर थे, मुझे इंसाफ चाहिए : शाहिस्ता
शाहिस्ता परवीन ने बताया कि मेरे पति बेकसूर थे. 17 जून को उसके पति ने फोन कर बताया था कि वह जमशेदपुर से गांव के दो युवकों के साथ घर लौट रहा है. फिर सुबह फोन कर बताया कि धातकीडीह में कुछ लोगों ने उसपर चोरी का इल्जाम लगाकर बेरहमी से पिटाई की. उसे पुलिस के हवाले कर दिया. शाहिस्ता ने कहा कि उसके पति की हत्या हुई है. उसे इंसाफ चाहिए.
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