उधवा. मिर्जाचौकी से फरक्का तक निर्माणाधीन फोरलेन सड़क, जो उधवा चौक होकर गुजरती है. बावजूद इसके उधवा चौक और आसपास के इलाकों में जाम की समस्या नासूर बनती जा रही है. वाहनाें के दबाव के कारण आम की समस्या आम होती जा रही है. उधवा चौक से होकर प्रतिदिन सैकड़ों डीजल इंजन ऑटो, पेट्रोल इंजन ऑटो, बैटरी चालित टोटो, निजी वाहन, जुगाड़ गाड़ियां, ट्रैक्टर सहित मालवाहक वाहनों का आवागमन हो रहा है. इसके कारण चौक पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है और जाम की स्थिति लगातार बनी रहती है. स्थानीय लोगों के अनुसार सुबह और शाम के समय जाम की समस्या अधिक गंभीर हो जाती है. कई बार स्थिति ऐसी बन जाती है कि घंटों तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहती हैं. विगत कई दिनों से बेलवा चौक से उधवा चौक सब्जी मंडी होते हुए पाकीजा मोड़ तक सुबह के समय घंटों जाम लग रहा है. जाम का प्रमुख कारण ओवरलोड बालू लदे हाइवा वाहनों का सुबह के समय बाजार क्षेत्र से गुजरना बताया जा रहा है. जब ये भारी वाहन जबरन संकरी सड़कों से निकलने का प्रयास करते हैं, तो पूरा इलाका जाम की चपेट में आ जाता है. कई बार दो घंटे से अधिक समय तक जाम नहीं खुल पाता. मरीजों, छात्रों और राहगीरों को हो रही परेशानी जाम के कारण मरीजों, जरूरतमंदों, राहगीरों एवं स्कूली छात्रों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. स्कूली बच्चों को विद्यालय पहुंचने में देर हो जाती है, वहीं आपात स्थिति में मरीजों को भी समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा पाता. नो इंट्री लागू करने की उठी मांग स्थानीय लोगों ने मांग की है कि सुबह और शाम के समय कुछ घंटों के लिए भारी मालवाहक वाहनों पर नो इंट्री व्यवस्था लागू की जाये, ताकि चौक पर लगने वाले जाम से राहत मिल सके. लोगों का कहना है कि स्थानीय प्रशासन द्वारा ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाने पर ही उधवा चौक को जाम की समस्या से निजात मिल सकती है.
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