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आयुष्मान कार्ड बनाने में संताल में देवघर सबसे आगे तो जामताड़ा सबसे पीछे

Updated at : 22 Sep 2025 9:06 PM (IST)
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sahibganj

साहिबगंज (फाइल फोटो)

सात वर्ष पहले आज ही के दिन 23 सितंबर 2018 को प्रधानमंत्री ने रांची से पूरे भारतवर्ष में लागू की थी योजना

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बरहरवा. गरीबी रेखा के नीचे गुजर बसर करने वाले प्रत्येक परिवार को 5 लाख रुपये तक प्रत्येक साल मुफ्त में इलाज के उद्देश्य से केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना में संताल परगना में लाभुकों का कार्ड बनाने का काम काफी धीमी गति से चल रहा है. संताल परगना के सभी 6 जिलों में यह आंकड़ा लक्ष्य के 50% से भी कम है. जिस प्रकार सरकार की ओर से लक्ष्य निर्धारित किया गया है, उस प्रकार अगर 70 से 80% कार्ड बना दिया जाता है तो अधिकांश लोगों का इस योजना का लाभ मिल सकता है. बताते चलें कि 23 सितंबर 2018 को योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा झारखंड के रांची से पूरे देश भर में लागू की गयी थी. आज इस योजना के लागू होने के 7 वर्ष पूरे हो गये, लेकिन फिर भी 50% लाभुकों का यह कार्ड नहीं बन पाया है. अगर इस प्रक्रिया में तेजी लायी जाती तो यहां के गरीब तबके के लोगों को इलाज करने में काफी सुविधा होती. ज्ञात हो कि सरकार की ओर से विभिन्न सरकारी एवं गैर-सरकारी अस्पतालों को इस योजना से टैग किया गया है. ताकि, आयुष्मान भारत योजना के लाभुक किसी भी सूचीबद्ध अस्पताल में 5 लाख रुपये तक का मुफ्त में इलाज करा सकते हैं. यह योजना पूरी तरीके से कैशलेस है. जिसके तहत मरीज को इलाज करने के बाद उनका भुगतान अस्पताल को सरकार के द्वारा किया जाता है. योजना की मॉनिटरिंग करने के लिये केंद्र एवं राज्य सरकार, राज्य एवं जिला मुख्यालय तक इसके कर्मियों की नियुक्ति की है. जो उक्त योजना के सफल संचालन की जानकारी प्राप्त करते हैं और अस्पतालों से समन्वय स्थापित कर उन्हें सहयोग प्रदान करते हैं. अगर हम संताल परगना की बात करें तो देवघर जिले में सबसे अधिक कार्ड बनाये गये हैं, तो वहीं जामताड़ा जिले में सबसे कम कार्ड बनाये गये हैं. इस प्रकार पूरे संताल परगना में कुल 26,07,156 कार्ड बनाये गये हैं, जबकि कुल कार्ड बनाने का लक्ष्य 62,42,091 निर्धारित किया गया है. योजना के लागू होते ही कई लोगों की मिली नयी जिंदगी प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना के लागू होने के बाद से गरीबी रेखा के नीचे गुजर-बसर करने वाले लोग अपना कार्ड बनाकर सूचीबद्ध अस्पताल में इलाज करवा रहे हैं. बरहरवा प्रखंड क्षेत्र के विजयपुर के ताला टुडू (45) गंभीर बीमारी से ग्रसित थे. वे रांची के एक बड़े अस्पताल में उक्त कार्ड के सहारे अपना इलाज कराकर आज स्वस्थ हैं, वहीं बरहेट प्रखंड क्षेत्र के भोगनाडीह गांव की मरियम मुर्मू (52) भी काफी दिनों से पैर में सूजन जैसे गंभीर बीमारी से ग्रसित थी. उन्हें इस योजना का लाभ मिला और वह आज स्वस्थ हैं. इस प्रकार हजारों लोग उक्त योजना का लाभ लेकर आज बेहतर जिंदगी जी रहे हैं. कैसे बनवायें प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना का कार्ड लाभुकों को उक्त योजना का लाभ लेने के लिये सबसे पहले आधार कार्ड, राशन कार्ड, स्थानीय निवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड से जुड़ा हुआ मोबाइल नंबर लेकर अपने निकटतम कंप्यूटर सेंटर, प्रज्ञा केंद्र या सरकारी अस्पतालों में लगने वाले कैंप में जाकर उक्त कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा. उक्त आवेदन राज्य मुख्यालय से स्वीकृत होने के बाद अपने नजदीकी सेंटर से कार्ड डाउनलोड किया जा सकता है. उसके बाद लाभुक योजना का लाभ ले सकते हैं. संताल परगना की रिपोर्ट जिला लक्ष्य बना कुल कार्ड देवघर 12,63,690 5,02,342 दुमका 11,83,452 4,61,981 पाकुड़ 8,30,246 4,57,698 गोड्डा 11,71909 5,14,700 साहिबगंज 10,33359 3,38,622 जामताड़ा 7,59,435 3,31,813 क्या कहते हैं सिविल सर्जन साहिबगंज सिविल सर्जन डॉक्टर रामदेव पासवान ने कहा कि उक्त योजना का लाभ लेने के लिए लाभुक को कार्ड बनवाना सबसे जरूरी होता है उसके बाद सूचीबद्ध अस्पताल में 5 लाख तक मुफ्त में इलाज कर सकते हैं

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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