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ज्ञान केंद्र से सिर्फ छात्र ही नहीं ग्रामीण भी हो रहे हैं लाभान्वित

Updated at : 16 Jun 2025 8:36 PM (IST)
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ज्ञान केंद्र से सिर्फ छात्र ही नहीं ग्रामीण भी हो रहे हैं लाभान्वित

बरहरवा की 19 पंचायतों में चल रहा है पंचायत ज्ञान केंद्र, देश-विदेश की घटनाओं से रूबरू हो रहे ग्रामीण

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बरहरवा. ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने और शिक्षा को और सुलभ बनाने के उद्देश्य से प्रखंड की विभिन्न पंचायत सचिवालयों में ज्ञान केंद्रों का संचालन किया जा रहा है. इन ज्ञान केंद्रों में स्कूली बच्चे विभिन्न पुस्तकों का अध्ययन करने के साथ-साथ कम्प्यूटर के जरिये भी कई आधुनिक विषयों पर ज्ञान अर्जित कर रहे हैं. ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकांश लोग अधिक सम्पन्न नहीं होते हैं. जिस कारण से वे अपने बच्चों को स्कूली शिक्षा के अलावे अन्य तैयारियां नहीं करवा पाते हैं. इस स्थिति में उनके वे बच्चे स्कूल में शिक्षा ग्रहण करने के बाद यहां आकर किताबों के जरिये शिक्षा ग्रहण करने के अलावे कम्प्यूटर का ज्ञान ले पा रहे हैं. यदि सब कुछ सही रहा तो निश्चित तौर पर आने वाले समय में इसका लाभ दिखेगा. प्रखंड की 19 पंचायतों में ज्ञान केंद्र का अधिष्ठापन किया जा चुका है. वहीं, शेष 6 पंचायतों में बटाइल, मधुआपाड़ा, महाराजपुर, पलासबोना के अलावे और दो पंचायतों में ज्ञान केंद्र खोला जाना है. जिसकी तैयारी की जा रही है. सूचना, शिक्षा और डिजिटल सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना है ज्ञान केंद्र का उद्देश्य पंचायतों में ज्ञान केंद्र संचालित करने का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सूचना, शिक्षा और डिजिटल सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना है. इस केंद्र के माध्यम से पंचायत की जनता को कंप्यूटर और इंटरनेट से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है ताकि वे डिजिटल दुनिया का लाभ उठा सकें. पठन-पाठन की प्रवृत्ति को बढ़ावा देना, ग्रामीण आबादी में पढ़ने, स्वशिक्षा और सीखने की संस्कृति को बढ़ावा देना और क्षमता में सुधार इस केंद्र का लक्ष्य है. इस केंद्र में छात्रों एवं प्रतियोगी परीक्षार्थियों के लिए ऑनलाइन शिक्षा एवं तैयारी हेतु संसाधन इस केंद्र में उपलब्ध हो रहे हैं. साथ ही दुनिया के ज्ञान से समुदाय को जोड़ना, ऑनलाइन शिक्षा के माध्यम से ज्ञान का आदान प्रदान करना भी इसके उद्देश्य हैं. एक ज्ञान केंद्र के अधिष्ठापन में चार लाख रुपये से अधिक हो रहा खर्च पंचायतीराज विभाग से पंचायतों में प्रति पंचायत में पंचायत ज्ञान केंद्र खोले जाने के लिए 4 लाख 20 हजार रुपये मुहैया कराया गया है. जिसमें एक लाख 20 हजारे रुपये की लागत से पुस्तकें व तीन लाख रुपये फर्नीचर के लिए राशि मुहैया करायी गयी है. यानि वर्तमान में बरहरवा प्रखंड के 19 पंचायतों में खुले पंचायत ज्ञान केंद्र में करीब 79 लाख रुपये से अधिक की राशि खर्च हो गई है. गाइडलाइन के अनुसार, पंचायत ज्ञान केंद्रों में पुस्तकालय के तर्ज पर विभिन्न विषयों की किताबें व पत्रिकाएं अनिवार्य रूप से रखना है. इसमें मुख्य रूप से विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, अंग्रेज़ी व्याकरण, जनरल नॉलेज, बेसिक कंप्यूटर, शब्दावली, प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी से जुड़ी किताबें, मासिक, त्रैमासिक और वार्षिक पत्रिकाएं, रोचक कहानियां व प्रसिद्ध लेखकों का किताब अनिवार्य रूप से रखना है. हर पंचायत में 265 पुस्तकें होनी चाहिए. वहीं, ज्ञान केंद्र में दो कम्प्यूटर, प्रिंटर, एलईडी के अलावे अन्य सामानों की भी व्यवस्था की गई है. कहते हैं पदाधिकारी सन्नी कुमार दास ने बताया कि विभिन्न पंचायतों में खुले ज्ञान केन्द्र से स्थानीय छात्र-छात्राओं के साथ ग्रामीणों को भी लाभ मिल रहा है. प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों की किताबें के साथ-साथ कम्प्यूटर के जरिये भी ज्ञान मिल रहा है. सन्नी कुमार दास, बीडीओ बरहरवा

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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