साहिबगंज.
प्रसिद्ध चित्रकार श्याम विश्वकर्मा की कलाकृति अब अमेरिका के फ्लोरिडा शहर के म्यूजियम में अपनी छटा बिखेर रही है. उनकी यह उपलब्धि न केवल उनकी कला प्रतिभा को दर्शाती है, बल्कि झारखंड की समृद्ध संस्कृति को भी वैश्विक मंच पर पहचान दिला रही है. उनकी कलाकृतियों की प्रदर्शनी अगले महीने थाईलैंड और जर्मनी में लगने वाली है. उन्होंने बताया कि झारखंड की विलुप्त होती जादूपटिया कला को टेराकोटा के माध्यम से पुनर्जीवित करते हुए उन्होंने आदिवासी संस्कृति को अपनी कृतियों में उकेरा है. उनकी कलाकृतियां राज्य स्तर पर झारखंड विधानसभा और झुमरी तिलैया के नेतरहाट विद्यालय सहित कई महत्वपूर्ण स्थानों पर प्रदर्शित की गई हैं. राष्ट्रीय स्तर पर उनकी कला दिल्ली के कृषि मंत्रालय और कपड़ा मंत्रालय की शोभा बढ़ा रही है. हाल ही में, दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय प्रदर्शनी में उन्होंने झारखंड का प्रतिनिधित्व किया और सम्मानित होकर राज्य और जिले का मान बढ़ाया. उनकी बनायी कलाकृतियां झारखंड के अलावा बंगाल के आसनसोल रेल डिवीजन, रांची के एसबीआई क्षेत्रीय कार्यालय और दिल्ली स्थित झारखंड भवन समेत देश के कई हिस्सों में प्रदर्शित की गई हैं. अपनी इस अनूठी कला को नयी ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए वे निरंतर प्रयासरत हैं और इसके प्रचार-प्रसार के लिए बच्चों को निःशुल्क प्रशिक्षण भी दे रहे हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

