बोरियो में जनवरी से अब तक 10 लोगों की सड़क हादसे में हो चुकी है मौत

Edited by ABDHESH SINGH
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साहिबगंज (फाइल फोटो)

तेज रफ्तार, नशे में ड्राइविंग और हेलमेट/सीटबेल्ट का उपयोग न करना

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बोरियो. भारत दुनिया में सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटनाओं वाले देशों में से एक है. भारत में सड़क सुरक्षा एक बड़ी चुनौती है, जिसके लिए सख्त नियमों, बेहतर बुनियादी ढांचे और जनता में जागरुकता की आवश्यकता है. खासकर युवा और वाहन चालकों के बीच. साहिबगंज जिले में प्रत्येक वर्ष सैकडों लोग सड़क दुर्घटना के शिकार होते है. इसका मुख्य कारण तेज रफ्तार, नशे में ड्राइविंग और हेलमेट/सीटबेल्ट का उपयोग न करना है. बोरियो थाना क्षेत्र में जनवरी माह से अब तक 10 लोग काल के गाल में समा गये हैं. सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा जागरुकता अभियान चलाया जाता है. वाहन चालकों को हेलमेट/सीटबेल्ट पहनकर वाहन चलाने की हिदायत दी जाती है, लेकिन लोग अपनी जान जोखिम में डाल कर लापरवाही से वाहन चलाते हैं. परिणाम स्वरूप सड़कों पर मौतें हो रही है. बोरियो थाना क्षेत्र में सड़क दुर्घटना कई ब्लैक स्पॉट घोषित किये गये हैं, ताकि लोग ब्लैक स्पॉट पर सावधानीपूर्वक वाहन चलायें. जिला परिवहन विभाग द्वारा सड़क दुर्घटनाओं के रोकथाम के लिए लगातार वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन कराने के लिए अभियान चलाया जा रहा है.

सड़क किनारे उगे झाड़ियां भी बनी मुसीबत

बोरियो-साहिबगंज, बोरियो-तीनपहाड़, बोरियो-बरहेट, बोरियो-बोआरीजोर मुख्य सड़क के किनारे बड़े बड़े झाड़ियां उग आए हैं. तीखा मोड़ में सड़क झाड़ियों से सामने नजर नहीं आती है. सामने से आने वाले वाहनों पर नजर नहीं रहने के कारण भी कई बार दुर्घटनाएं होती है. ठंड के मौसम में बोरियो प्रखंड क्षेत्र में घना कोहरा छाया रहता है. कोहरे में विजिबिलिटी बिल्कुल कम हो जाती है. ऊपर से सड़क किनारे उगे झाड़ियों से चालकों को काफी परेशानी होती है. प्रशासन को सड़क किनारे उगे झाड़ियों को सफाई कराने चाहिए.

माहवार मौतों का आंकड़ा

जनवरी में एक, फरवरी में ती, मार्च -2, अप्रैल में शून्य, मई में एक, जून में शून्य, जुलाई में शून्य, अगस्त में शून्य, सितंबर में दो, अक्तूबर में एक, नवंबर में शून्य, दिसंबर में शून्य. नोट:-यह आंकड़ा 26 दिसंबर तक का है.

क्या कहते हैं जिला सडक सुरक्षा प्रबंधक

सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए संभावित क्षेत्रों में सूचना बोर्ड लगाये गये हैं. रात में चालकों को सुविधा हो, इसके लिए सड़क पर रिफ्लेक्टर लगाए गए हैं. यातायात नियमों का पालन कराने के लिए प्रत्येक दिन वाहन जांच अभियान चलाया जाता है. लोग जागरुकता के अभाव में सड़क दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं.

– नीरज साह, जिला सड़क सुरक्षा प्रबंधक

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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