पर्यटन स्थल के रूप में बिन्दुवासिनी मंदिर की ख्याति पूरे देश में हो, मंदिर प्रबंध समिति पर्यटकों को बेहतर सुविधा देने को लेकर है प्रयासरत

Updated:
विज्ञापन
पर्यटन स्थल के रूप में बिन्दुवासिनी मंदिर की ख्याति पूरे देश में हो, मंदिर प्रबंध समिति पर्यटकों को बेहतर सुविधा देने को लेकर है प्रयासरत

शक्तिपीठ के रूप में विख्यात बिन्दुवासिनी मंदिर के परिसर में प्रभात खबर संवाद का किया गया आयोजन

विज्ञापन

बरहरवा. प्रभात खबर की ओर से रविवार को क्षेत्र के बिन्दुवासिनी मंदिर परिसर में प्रभात खबर संवाद का आयोजन किया गया. जिसकी अध्यक्षता बिंदुधाम मन्दिर प्रबंध समिति के कार्यकारी अध्यक्ष शक्तिनाथ अमन ने की. कार्यक्रम में बिंदुधाम मंदिर प्रबंध समिति के सम्मानित सदस्य शामिल हुए. संवाद कार्यक्रम में समिति के सदस्यों ने बताया कि बिन्दुवासिनी मंदिर में साल भर जिले के साथ-साथ झारखंड के विभिन्न जिलों से लोगों का आना-जाना लगा रहता है. इसके अलावे पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों के श्रद्धालुओं का आगमन होता है. प्रत्येक वर्ष चैत्र नवरात्रि के समय यहां विशेष पूजा अर्चना की जाती है. यहां मंदिर परिसर में वर्ष 1961 से शतचंडी महायज्ञ का आयोजन होता आ रहा है. पिछले 2-3 वर्षें से जब से नई समिति का गठन हुआ है. यहां बेहतर व्यवस्थाएं दी जा रही है. श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी ना हो, इस पर भी काम कर रहे हैं. मंदिर समिति के कार्यकारी अध्यक्ष शक्तिनाथ अमन ने बताया कि अभी मंदिर आने वाले लोग यहां की व्यवस्था से काफी संतुष्ट हैं. समिति के सदस्य लगातार इस पर कार्य कर रहे हैं. इस बार नवरात्रि में मंदिर की विशेष साज-सज्जा भी कराई गई, जिसकी लोगों ने काफी सराहना की. चैत्र नवरात्रि के नवमी को यहां से भव्य महावीर झंडा व रामनवमी जुलूस का आयोजन होता आ रहा है, इस वर्ष भी हम लोगों ने भव्य जुलूस का आयोजन किया. यह जुलूस बरहरवा के विभिन्न मुख्य मार्गों से होकर गुजरती है. जिसमें हजारों की संख्या में लोगों की भीड़ जुटती है. अभी मंदिर में कई विकास के काम होने बाकी है. मंदिर की जमीन का सीमांकन कर जल्द इसकी घेराबंदी की जाने की आवश्यकता है. कई भवन ऐसे हैं, जिसे दुरुस्त कर पर्यटकों के लिए उपयोग में लाया जाएगा. मंदिर परिसर में ही पुस्तकालय का निर्माण कराया गया है. जहां आसपास के प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्र-छात्राएं तैयारी भी कर रहे हैं. यहां एक माह तक मेला भी लगता है. मेले में दूर-दराज से दुकानदार आते हैं और व्यवसाय करते हैं. मेले को भी व्यवस्थित रूप देने का काम चल रहा है. मंदिर में श्रद्धालुओं को पेयजल की समस्या ना हो, इस पर भी वरीय अधिकारियों से चर्चा की जा रही है. डीप बोरिंग के साथ सभी प्रमुख स्थानों को जल्द पाइपलाइन से जोड़ा जाएगा ताकि लोगों को पानी की कोई परेशानी ना हो. मंदिर परिसर में ही महायज्ञ के शुरू होते ही नारायण भोज की व्यवस्था की जाती है, जो नवमी तिथि तक जारी रहती है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Abdhesh Singh

लेखक के बारे में

By Abdhesh Singh

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola